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राष्ट्रीय · योजना

सरकार द्वारा चीनी मूल्य नियंत्रण के उपाय

26 अगस्त 2026 · Raj Study संपादकीय टीम

याद रखें · एक पंक्ति में

सरकार ने आयात, स्टॉक सीमा और पेराई त्वरण से चीनी की कीमतों को नियंत्रित करने की कोशिश की।

क्या हुआ

अगस्त 2026 में चीनी की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए भारत सरकार ने कई कदम उठाए: (1) कच्ची चीनी के लिए Tariff-Rate Quota (TRQ)—सरकार ने 31 अक्टूबर तक 1 मिलियन टन (10 लाख मीट्रिक टन) कच्ची चीनी का शुल्क-मुक्त आयात अनुमति दी (सामान्यत: 100% बेसिक कस्टम ड्यूटी है); (2) आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत स्टॉक सीमा—चीनी डीलरों के लिए 1 अगस्त से 30 नवंबर तक 400 टन की सीमा, और बल्क उपभोक्ताओं के लिए 1 सितंबर से 15 दिन की खपत तक सीमा; (3) राज्य सरकारों को शीघ्र पेराई के लिए प्रोत्साहित किया; (4) केंद्र और राज्य सरकारों की संयुक्त टीमें मिलों पर स्टॉक का सत्यापन कर रही हैं।

मुख्य तथ्य

  1. 1कच्ची चीनी का 1 मिलियन टन शुल्क-मुक्त आयात 31 अक्टूबर तक
  2. 2चीनी डीलरों के लिए 400 टन स्टॉक सीमा (1 अगस्त-30 नवंबर)
  3. 3बल्क उपभोक्ताओं के लिए 15 दिन की खपत तक सीमा (1 सितंबर से)
  4. 4केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा संयुक्त स्टॉक सत्यापन

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

RAS परीक्षा में आवश्यक वस्तु अधिनियम, आयात नीति और मूल्य नियंत्रण तंत्र समझना महत्वपूर्ण।

स्थायी GK: आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 सरकार को आवश्यक वस्तुओं के उत्पादन, आपूर्ति और वितरण को नियंत्रित करने की शक्ति देता है।

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