ग्रामीण ऋण स्कोर
28 मार्च 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
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GCS — बजट 2025-26 में घोषित; पारंपरिक ऋण इतिहास रहित व्यक्तियों हेतु वैकल्पिक ऋण स्कोरिंग मॉडल।
क्या हुआ
ग्रामीण ऋण हेतु 'ग्रामीण क्रेडिट स्कोर' (Grameen Credit Score) की चर्चा हुई। पारंपरिक क्रेडिट स्कोर (जैसे CIBIL) औपचारिक वित्तीय इतिहास पर आधारित होते हैं, जिससे ग्रामीण/अनौपचारिक उधारकर्ता पीछे रह जाते हैं। ग्रामीण क्रेडिट स्कोर स्वयं सहायता समूहों (SHG), वैकल्पिक डेटा (बचत, पुनर्भुगतान व्यवहार) के आधार पर ग्रामीण आबादी की साख-योग्यता आँकता है, जिससे उन्हें औपचारिक ऋण तक पहुँच मिलती है। इसे बजट में घोषित किया गया था। यह वित्तीय समावेशन, ग्रामीण उद्यमिता व साहूकारों पर निर्भरता घटाने से जुड़ा है।
मुख्य तथ्य
- 1ग्रामीण ऋण हेतु 'ग्रामीण क्रेडिट स्कोर'।
- 2पारंपरिक स्कोर ग्रामीण उधारकर्ताओं को पीछे छोड़ते हैं।
- 3SHG व वैकल्पिक डेटा से साख आकलन।
- 4औपचारिक ऋण तक पहुँच; साहूकार निर्भरता कम।
- 5वित्तीय समावेशन; बजट में घोषित।
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
ग्रामीण ऋण स्कोर, वित्तीय समावेशन व SHG अर्थव्यवस्था में पूछे जाते हैं।
स्थायी GK: पारंपरिक स्कोर — CIBIL आदि। ग्रामीण क्रेडिट स्कोर — SHG व वैकल्पिक डेटा। वित्तीय समावेशन। बजट में घोषित; SIDBI/NABARD।