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राजस्थान · पर्यावरण

गोडावण संरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला

15 दिसंबर 2025 · Raj Study संपादकीय टीम

याद रखें · एक पंक्ति में

दिसंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने गोडावण (Great Indian Bustard) संरक्षण मामले में कंपनियों के CSR दायित्व को संवैधानिक कर्तव्य बताया।

क्या हुआ

M.K. रणजीतसिंह बनाम भारत संघ मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कंपनियों का CSR के तहत पर्यावरण संरक्षण पर खर्च करना स्वैच्छिक परोपकार नहीं बल्कि अनुच्छेद 51A(g) के तहत एक मौलिक कर्तव्य है। कोर्ट ने गोडावण के मुख्य संरक्षण क्षेत्र को राजस्थान में 14,013 वर्ग किमी और गुजरात में 740 वर्ग किमी तक संशोधित किया और इस क्षेत्र में नई बड़ी पवन/सौर परियोजनाओं व हाई-टेंशन ओवरहेड बिजली लाइनों पर रोक लगाते हुए मौजूदा लाइनों को भूमिगत करने या पुनर्मार्गित करने का निर्देश दिया।

मुख्य तथ्य

  1. 1गोडावण का सबसे बड़ा प्राकृतिक आवास राजस्थान में (14,013 वर्ग किमी)
  2. 2अनुच्छेद 51A(g) के तहत कंपनियों का पर्यावरण/वन्यजीव संरक्षण मौलिक कर्तव्य घोषित
  3. 3क्षेत्र में नई पवन/सौर परियोजनाओं व ओवरहेड हाई-टेंशन लाइनों पर प्रतिबंध

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

राजस्थान Mains-GS व पर्यावरण के लिए अति महत्वपूर्ण — गोडावण, अनुच्छेद 51A(g) और CSR से जुड़े मौलिक कर्तव्य पर सीधा प्रश्न बन सकता है।

स्थायी GK: गोडावण (Great Indian Bustard) राजस्थान का राज्य पक्षी है और इसे IUCN रेड लिस्ट में 'गंभीर संकटापन्न' (Critically Endangered) श्रेणी में रखा गया है।

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