मुख्य सामग्री पर जाएं
राष्ट्रीय · पर्यावरण

गुजरात फिर बना 'बाघ-उपस्थित' राज्य, रतनमहल में बाघ की पुष्टि

3 फरवरी 2026 · Raj Study संपादकीय टीम

याद रखें · एक पंक्ति में

एशियाई शेरों का घर गुजरात, रतनमहल अभयारण्य (दाहोद) में बाघ बसने के बाद फिर 'बाघ-उपस्थित' राज्य बना।

क्या हुआ

लगभग चार वर्ष का एक बाघ फरवरी 2025 से रतनमहल और मध्य प्रदेश के लगे वन क्षेत्र में घूम रहा है और रतनमहल में उसने अपना क्षेत्र बना लिया है। कैमरा-ट्रैप प्रमाण के बाद NTCA ने इसके संरक्षण के निर्देश दिए और प्रारंभिक रिपोर्ट में गुजरात में बाघों की संख्या एक बताई गई। अखिल भारतीय बाघ आकलन 2026 में गुजरात-मध्य प्रदेश सीमा पर कैमरा-ट्रैप गणना होगी; गुजरात और सिक्किम पहली बार इस छठे चक्र में जुड़े हैं। वन विभाग के अभिलेखों में 1989 के बाद गुजरात में बाघ का कोई प्रमाणित रिकॉर्ड नहीं था। अब गुजरात में शेर, तेंदुआ और बाघ, तीनों बड़ी बिल्लियाँ हैं।

मुख्य तथ्य

  1. 1NTCA ने 2026 की गणना हेतु गुजरात को 'बाघ-उपस्थित' राज्य माना
  2. 2बाघ रतनमहल वन्यजीव अभयारण्य, दाहोद जिले में बसा
  3. 31989 के बाद गुजरात में बाघ का कोई प्रमाणित रिकॉर्ड नहीं था
  4. 4गुजरात व सिक्किम पहली बार बाघ आकलन के छठे चक्र में शामिल

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

प्रश्न गुजरात में बाघ मिलने के स्थान (रतनमहल, दाहोद) या बाघ आकलन में पहली बार जुड़े राज्यों (गुजरात, सिक्किम) पर आ सकता है।

स्थायी GK: प्रोजेक्ट टाइगर 1 अप्रैल 1973 को शुरू हुआ। NTCA एक वैधानिक निकाय है, जिसका गठन 4 सितंबर 2006 को 2006 में संशोधित वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत हुआ।

इसी विषय पर और

इस विषय को और गहराई से पढ़ें