हरियाणा ग्राम सामान्य भूमि (विनियमन) अधिनियम, 1961
2 जनवरी 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
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अधिनियम — ग्राम पंचायत में निहित सामुदायिक भूमि (शामलात देह) का विनियमन व संरक्षण।
क्या हुआ
'हरियाणा ग्राम सामान्य भूमि (विनियमन) अधिनियम, 1961' की चर्चा हुई। यह अधिनियम हरियाणा में 'शामलात देह' (गाँव की सामान्य/सामुदायिक भूमि — चरागाह, तालाब, सार्वजनिक उपयोग की भूमि) के प्रबंधन, स्वामित्व व उपयोग को नियंत्रित करता है, जिसका प्रबंधन ग्राम पंचायतें करती हैं (सामुदायिक हित में)। ऐसी सामान्य भूमि पर अतिक्रमण, स्वामित्व-विवाद व उपयोग को लेकर अक्सर कानूनी प्रश्न उठते हैं (सर्वोच्च न्यायालय ने सामान्य भूमि से अतिक्रमण हटाने व सामुदायिक उपयोग की रक्षा पर ज़ोर दिया है)। यह भूमि-अधिकार, पंचायती राज, सामुदायिक संसाधन व ग्रामीण शासन से जुड़ता है। यह राजव्यवस्था से जुड़ा है।
मुख्य तथ्य
- 1हरियाणा ग्राम सामान्य भूमि (विनियमन) अधिनियम, 1961।
- 2'शामलात देह' — गाँव की सामान्य/सामुदायिक भूमि।
- 3चरागाह, तालाब, सार्वजनिक उपयोग की भूमि।
- 4ग्राम पंचायतों द्वारा प्रबंधन; अतिक्रमण-विवाद।
- 5भूमि-अधिकार; पंचायती राज; सामुदायिक संसाधन।
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
ग्राम सामान्य भूमि, शामलात देह व भूमि अधिकार राजव्यवस्था में पूछे जाते हैं।
स्थायी GK: हरियाणा ग्राम सामान्य भूमि अधिनियम 1961 — शामलात देह (गाँव की सामान्य भूमि; चरागाह/तालाब); पंचायत प्रबंधन। अतिक्रमण-विवाद; SC — सामुदायिक उपयोग रक्षा।