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राष्ट्रीय · राजव्यवस्था

घृणा भाषण व घृणा अपराध

20 फरवरी 2026 · Raj Study संपादकीय टीम

याद रखें · एक पंक्ति में

घृणा भाषण — धर्म, जाति, नस्ल आदि के आधार पर शत्रुता भड़काने वाली अभिव्यक्ति।

क्या हुआ

घृणा भाषण व घृणा अपराध (hate speech and hate crime) की चर्चा हुई। घृणा भाषण धर्म, जाति, नस्ल, लिंग आदि के आधार पर किसी समूह के विरुद्ध घृणा भड़काने वाली अभिव्यक्ति है, जबकि घृणा अपराध ऐसे पूर्वाग्रह से प्रेरित वास्तविक हिंसक/आपराधिक कृत्य हैं। भारत में इनकी कोई एकल परिभाषा नहीं; संबंधित प्रावधान भारतीय न्याय संहिता (BNS) [पूर्व IPC 153A, 295A, 505] में हैं। डिजिटल/सोशल मीडिया ने घृणा सामग्री के तेज़ प्रसार को बढ़ाया है। यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता (अनुच्छेद 19) व सामाजिक सद्भाव/लोक व्यवस्था के बीच संतुलन से जुड़ा है। विधि आयोग व SC ने मार्गदर्शन दिया है।

मुख्य तथ्य

  1. 1घृणा भाषण व घृणा अपराध।
  2. 2घृणा भाषण — घृणा भड़काना; घृणा अपराध — हिंसक कृत्य।
  3. 3कोई एकल परिभाषा नहीं; BNS (पूर्व IPC 153A आदि)।
  4. 4सोशल मीडिया — तेज़ प्रसार।
  5. 5अनुच्छेद 19 — अभिव्यक्ति बनाम सामाजिक सद्भाव।

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

घृणा भाषण, अनुच्छेद 19 व BNS राजव्यवस्था में महत्वपूर्ण हैं।

स्थायी GK: घृणा भाषण — घृणा भड़काना; घृणा अपराध — पूर्वाग्रह-प्रेरित कृत्य। BNS (पूर्व IPC 153A, 295A, 505)। अनुच्छेद 19(1)(a)/19(2)। विधि आयोग 267वीं रिपोर्ट।

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