16 जून 2026 · 16 June 2026⭐ परीक्षा में महत्वपूर्ण
अध्ययन में लू और ओजोन प्रदूषण को बढ़ती हृदय संबंधी मौतों से जोड़ा गया
Study Links Heatwaves and Ozone Pollution to Rising Cardiac Deaths in India
जून 2026 में एक अध्ययन में पाया गया कि लू और सतही ओजोन के संयुक्त प्रभाव से उत्तर भारत में हृदय संबंधी मौतों में तेज वृद्धि हुई।
मुख्य तथ्य
- •उत्तर भारत में लू के दौरान सतही ओजोन 85-110 माइक्रोग्राम/घनमीटर तक पहुंचा
- •स्तर अध्ययन में संदर्भित 70 माइक्रोग्राम के दिशानिर्देश से अधिक रहा
- •2024 में लू वाले दिनों में लगभग 830 अतिरिक्त मौतें दर्ज
- •गर्मी और वायु प्रदूषण के संयुक्त स्वास्थ्य प्रभाव को रेखांकित करता है
एक अध्ययन में पाया गया कि लू की अवधि के दौरान उत्तर भारत में सतही ओजोन का स्तर 85 से 110 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर तक पहुंच गया, जो अध्ययन में संदर्भित सभी क्षेत्रों के लिए 70 माइक्रोग्राम के दिशानिर्देश से अधिक था। 2024 में लू वाले दिनों में पूर्ववर्ती सामान्य दिनों की तुलना में लगभग 830 अतिरिक्त मौतें दर्ज हुईं, जो गर्मी और वायु प्रदूषण के संयुक्त स्वास्थ्य प्रभाव को दर्शाता है। सतही ओजोन एक द्वितीयक प्रदूषक है जो सूर्य के प्रकाश की नाइट्रोजन ऑक्साइड और वाष्पशील कार्बनिक यौगिकों जैसे प्रदूषकों के साथ प्रतिक्रिया से बनता है, और यह गर्म मौसम के दौरान हृदय व श्वसन तंत्र पर दबाव बढ़ाता है। इन निष्कर्षों से लू संबंधी सार्वजनिक स्वास्थ्य योजना में वायु गुणवत्ता को शामिल करने की जरूरत रेखांकित होती है।
🎯 परीक्षा में कैसे आएगा
वायु प्रदूषण, सार्वजनिक स्वास्थ्य और जलवायु प्रभावों से जुड़ा यह विषय RAS प्रारंभिक व मुख्य परीक्षा के पर्यावरण खंड के लिए प्रासंगिक है।
📚 संबंधित स्थायी GK
सतही (ग्राउंड-लेवल) ओजोन एक द्वितीयक प्रदूषक है जो सूर्य के प्रकाश की NOx और VOC जैसे प्रदूषकों से प्रतिक्रिया से बनता है, जो सुरक्षात्मक समताप मंडलीय ओजोन से अलग है।
✨ RajAI— RAS Prelims Expert