पर्यटन मंत्रालय ने विरासत संरक्षण व पारिस्थितिकी-पर्यटन कार्यक्रम शुरू किया
3 जून 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
याद रखें · एक पंक्ति में
जून 2026 में, पर्यटन मंत्रालय ने स्थानीय आजीविका को समर्थन देने हेतु विरासत संरक्षण व पारिस्थितिकी-पर्यटन विकास को जोड़ने वाला कार्यक्रम शुरू किया।
क्या हुआ
पर्यटन मंत्रालय ने विरासत संरक्षण को टिकाऊ पारिस्थितिकी-पर्यटन विकास के साथ जोड़ने वाला कार्यक्रम शुरू किया, जिसका उद्देश्य पर्यटन स्थलों के आसपास स्थानीय समुदायों के लिए आजीविका सृजन को समर्थन देना है।
मुख्य तथ्य
- 1विरासत संरक्षण को पारिस्थितिकी-पर्यटन से जोड़ता है
- 2उद्देश्य: टिकाऊ पर्यटन विकास
- 3स्थानीय आजीविका सृजन को समर्थन
- 4पर्यटन मंत्रालय द्वारा शुरू
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
राजस्थान संबंध: आमेर, चित्तौड़गढ़ जैसे किले-महल तथा मरुस्थलीय सर्किट राष्ट्रीय स्तर पर पारिस्थितिकी/विरासत पर्यटन के प्रमुख केंद्र हैं।
स्थायी GK: स्वदेश दर्शन व प्रसाद (PRASHAD) योजनाएं पर्यटन मंत्रालय के प्रमुख कार्यक्रम हैं जो एकीकृत गंतव्य व विरासत स्थल विकास हेतु हैं।