मुख्य सामग्री पर जाएं
राष्ट्रीय · पर्यावरण

हिमालयन ग्रिफॉन गिद्धों की मृत्यु

9 अप्रैल 2026 · Raj Study संपादकीय टीम

याद रखें · एक पंक्ति में

हिमालयन ग्रिफॉन — ओल्ड वर्ल्ड गिद्ध; IUCN: निकट संकटग्रस्त; WPA अनुसूची I; CITES परिशिष्ट II।

क्या हुआ

हिमालयी ग्रिफ़ॉन गिद्धों (Himalayan Griffon vultures) की मृत्यु की चर्चा हुई। गिद्ध प्रकृति के महत्वपूर्ण 'सफाईकर्मी' (scavengers) हैं, जो मृत पशुओं को खाकर रोग-प्रसार रोकते व पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखते हैं। भारत में गिद्धों की आबादी में 1990-2000 के दशक में भारी गिरावट (~99%) आई, जिसका मुख्य कारण पशुओं में प्रयुक्त दर्द-निवारक दवा 'डाइक्लोफेनाक' था (मृत पशुओं को खाने से गिद्धों के गुर्दे फेल हो जाते थे; अब पशु-चिकित्सा में प्रतिबंधित)। हिमालयी ग्रिफ़ॉन गिद्धों की मृत्यु विषाक्तता (दवाएँ/ज़हर), भोजन की कमी या रोग का संकेत हो सकती है। यह जैव विविधता संरक्षण, गिद्ध संरक्षण कार्ययोजना व पारिस्थितिकी से जुड़ा है। यह पर्यावरण से जुड़ा है।

मुख्य तथ्य

  1. 1हिमालयी ग्रिफ़ॉन गिद्धों की मृत्यु।
  2. 2गिद्ध — पारिस्थितिकी के 'सफाईकर्मी'।
  3. 3डाइक्लोफेनाक से ~99% आबादी गिरावट।
  4. 4मृत्यु — विषाक्तता/भोजन-कमी/रोग का संकेत।
  5. 5गिद्ध संरक्षण कार्ययोजना; जैव विविधता।

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

गिद्ध संरक्षण, डाइक्लोफेनाक व दुधवा पर्यावरण में पूछे जाते हैं।

स्थायी GK: गिद्ध — सफाईकर्मी (scavengers)। डाइक्लोफेनाक — ~99% गिरावट (पशु-चिकित्सा में प्रतिबंधित)। गिद्ध संरक्षण कार्ययोजना। जटायु संरक्षण केंद्र।

इसी विषय पर और