मानव-वन्यजीव संघर्ष (HWC)
18 मई 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
याद रखें · एक पंक्ति में
HWC — WPA 1972; प्रोजेक्ट टाइगर (1973), प्रोजेक्ट एलीफेंट (1992)।
क्या हुआ
मानव-वन्यजीव संघर्ष (HWC) पर ध्यान केंद्रित हुआ। यह तब होता है जब वन्यजीव (हाथी, बाघ, तेंदुआ, नीलगाय, जंगली सूअर आदि) मानव बस्तियों या कृषि से टकराते हैं, जिससे फसल/जान का नुकसान व प्रतिशोधी हत्या होती है। कारण — आवास विखंडन, गलियारों का अवरोध व अतिक्रमण। प्रबंधन उपाय — वन्यजीव गलियारे, मुआवज़ा, अग्रिम चेतावनी प्रणाली व समुदाय की भागीदारी। वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 मुख्य विधिक ढाँचा है। राजस्थान में नीलगाय व तेंदुआ संघर्ष प्रासंगिक हैं।
मुख्य तथ्य
- 1मानव-वन्यजीव संघर्ष (HWC) पर ध्यान।
- 2कारण — आवास विखंडन, गलियारों का अवरोध, अतिक्रमण।
- 3उपाय — गलियारे, मुआवज़ा, अग्रिम चेतावनी, समुदाय भागीदारी।
- 4विधिक ढाँचा — वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972।
- 5राजस्थान — नीलगाय व तेंदुआ संघर्ष।
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
WPA 1972, प्रोजेक्ट टाइगर/एलीफेंट व HWC पर्यावरण में महत्वपूर्ण हैं।
स्थायी GK: वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 — अनुसूचियाँ; संरक्षित क्षेत्र। प्रोजेक्ट टाइगर (1973), प्रोजेक्ट एलिफेंट (1992)। NTCA — राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण।