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राजस्थान · रक्षा

IAF का पहला 'ड्रोनाथॉन-2026' राजस्थान के पोखरण रेंज में शुरू

15 सितंबर 2026 · Raj Study संपादकीय टीम

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IAF ने राजस्थान के पोखरण रेंज में अपना पहला "ड्रोनाथॉन" आयोजित कर स्वदेशी ड्रोन तकनीक का परीक्षण किया।

क्या हुआ

यह आयोजन IAF के व्यापक "वायु उत्तम" मानवरहित-प्रणाली रोडमैप का हिस्सा है, जो हाल के संघर्षों में ड्रोन युद्ध से जुड़े सबक के बाद स्वदेशी मानव रहित तकनीक को तेज़ी से अपनाने हेतु है। 1998 के परमाणु परीक्षणों के प्रसिद्ध स्थल पोखरण रेंज में आयोजित इस तीन-दिवसीय कार्यक्रम में सशस्त्र बलों, DRDO, निजी रक्षा निर्माताओं और स्टार्टअप्स ने निगरानी ड्रोन, स्वार्म ड्रोन और काउंटर-ड्रोन प्रणालियों का वास्तविक क्षेत्र परिस्थितियों में प्रदर्शन किया।

मुख्य तथ्य

  1. 1पहला IAF "ड्रोनाथॉन", 14-16 सितंबर 2026, जैसलमेर जिले के पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज में
  2. 2निगरानी, स्वार्म, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध और काउंटर-ड्रोन (एंटी-UAS) प्रणालियों का प्रदर्शन
  3. 3रक्षा क्षेत्र को स्टार्टअप्स व MSME से सीधे जोड़ा गया
  4. 4IAF के "वायु उत्तम" मानवरहित-प्रणाली रोडमैप का हिस्सा

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

राजस्थान में आयोजित यह रक्षा कार्यक्रम RAS के लिए अत्यधिक प्रासंगिक है — पोखरण के सामरिक महत्व और राजस्थान भूगोल व रक्षा-अवसंरचना के ज्ञान दोनों की परीक्षा लेता है।

स्थायी GK: जैसलमेर जिले का पोखरण 1974 (स्माइलिंग बुद्धा) और 1998 (पोखरण-II) में भारत के परमाणु परीक्षणों का स्थल था।

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