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राष्ट्रीय · पर्यावरण

IMD ग्रीष्म पूर्वानुमान 2026

1 अप्रैल 2026 · Raj Study संपादकीय टीम

याद रखें · एक पंक्ति में

लू — मैदानी में अधिकतम तापमान ≥40°C; आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 में अधिसूचित आपदा नहीं।

क्या हुआ

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ग्रीष्म पूर्वानुमान 2026 की चर्चा हुई। IMD मौसमी पूर्वानुमान में आगामी गर्मी (मार्च-मई/जून) के लिए अधिकतम-न्यूनतम तापमान, लू (heatwave) की संभावना व मानसून-पूर्व स्थिति का अनुमान देता है। बढ़ती लू जलवायु परिवर्तन का परिणाम है, जो स्वास्थ्य, कृषि, जल व बिजली माँग को प्रभावित करती है। अग्रिम पूर्वानुमान आपदा तैयारी, हीट एक्शन प्लान व कृषि नियोजन में सहायक है। IMD पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के अधीन है और 2025 में 150 वर्ष पूरे किए। राजस्थान सर्वाधिक लू-प्रभावित राज्यों में है।

मुख्य तथ्य

  1. 1IMD ग्रीष्म पूर्वानुमान 2026।
  2. 2तापमान, लू की संभावना, मानसून-पूर्व स्थिति।
  3. 3बढ़ती लू — जलवायु परिवर्तन का परिणाम।
  4. 4आपदा तैयारी व कृषि नियोजन में सहायक।
  5. 5राजस्थान — सर्वाधिक लू-प्रभावित।

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

लू, IMD मानदंड, El Niño व हीट एक्शन प्लान पर्यावरण में महत्वपूर्ण हैं।

स्थायी GK: IMD — 1875; पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय। लू पूर्वानुमान; हीट एक्शन प्लान। मानसून — दक्षिण-पश्चिम (जून-सितंबर)। राजस्थान — अति लू-प्रभावित।

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