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राष्ट्रीय · अर्थव्यवस्था

खाद्य तेलों पर आयात शुल्क में कटौती

25 सितंबर 2026 · Raj Study संपादकीय टीम · सरकारी स्रोत से तथ्य मिलाए गए

याद रखें · एक पंक्ति में

सितंबर 2026 में भारत सरकार ने अंतर्राष्ट्रीय मूल्य वृद्धि के कारण उपभोक्ताओं को राहत देने हेतु कच्चे खाद्य तेलों पर मूल सीमा शुल्क घटाया।

क्या हुआ

भारत सरकार ने 24 सितंबर 2026 को अंतर्राष्ट्रीय खाद्य तेल मूल्यों में तीव्र वृद्धि के कारण उपभोक्ताओं को राहत प्रदान करने हेतु मूल सीमा शुल्क (BCD) में कटौती की घोषणा की। कच्चे सूरजमुखी तेल पर शुल्क 10% से घटाकर शून्य कर दिया गया, जबकि कच्चे सोयाबीन तेल और कच्चे पाम तेल पर शुल्क 10% से घटाकर 5% किया गया। घरेलू रिफाइनिंग क्षमता को समर्थन देने के लिए कच्चे और रिफाइंड खाद्य तेलों के बीच 19.25% का आयात शुल्क अंतर बनाए रखा गया है। सरकार ने उद्योग संघों को सलाह जारी की है कि शुल्क कटौती का पूरा लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जाए और वितरक मूल्य (PTD) तथा अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) तुरंत संशोधित किए जाएं। यह कदम खाद्य मूल्य और समग्र मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के व्यापक उद्देश्य से लिया गया है।

मुख्य तथ्य

  1. 1कच्चे सूरजमुखी तेल पर मूल सीमा शुल्क 10% से घटाकर शून्य किया गया (सितंबर 2026)
  2. 2कच्चे सोयाबीन तेल और कच्चे पाम तेल पर शुल्क 10% से घटाकर 5% किया गया
  3. 3कच्चे और रिफाइंड खाद्य तेलों के बीच 19.25% का आयात शुल्क अंतर बनाए रखा गया
  4. 4उद्योग को PTD और MRP तुरंत संशोधित करने की सलाह जारी की गई
  5. 5अंतर्राष्ट्रीय खाद्य तेल मूल्यों में तीव्र वृद्धि के कारण यह कदम उठाया गया

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

सितंबर 2026 में किन खाद्य तेलों पर मूल सीमा शुल्क में कटौती की गई और कच्चे तथा रिफाइंड तेलों के बीच कितना शुल्क अंतर बनाए रखा गया?

स्रोत: PIB (आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति)

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