भारत ने CBD को 7वीं राष्ट्रीय रिपोर्ट प्रस्तुत की
7 मार्च 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
याद रखें · एक पंक्ति में
7वीं रिपोर्ट — 23 राष्ट्रीय जैव विविधता लक्ष्य (NBT) व 142 संकेतक; कुनमिंग-मॉन्ट्रियल ढांचे (KMGBF) के अनुरूप।
क्या हुआ
भारत द्वारा जैव विविधता अभिसमय (CBD) को 7वीं राष्ट्रीय रिपोर्ट प्रस्तुत करने की चर्चा हुई। CBD (Convention on Biological Diversity) 1992 के रियो पृथ्वी सम्मेलन से उद्भूत एक संधि है, जिसके तीन उद्देश्य हैं — जैव विविधता का संरक्षण, इसके घटकों का सतत उपयोग, व आनुवंशिक संसाधनों से लाभ का न्यायसंगत बँटवारा (ABS)। पक्षकार देश समय-समय पर राष्ट्रीय रिपोर्ट प्रस्तुत करते हैं, जो 'कुनमिंग-मॉन्ट्रियल वैश्विक जैव विविधता फ्रेमवर्क' (GBF, 2022 — '30x30' लक्ष्य सहित) की दिशा में प्रगति दर्शाती हैं। भारत एक 'मेगा-डायवर्स' देश है; इसकी रिपोर्ट राष्ट्रीय जैव विविधता लक्ष्यों व कार्रवाइयों का लेखा-जोखा देती है। यह पर्यावरण व जैव विविधता से जुड़ा है।
मुख्य तथ्य
- 1भारत ने CBD को 7वीं राष्ट्रीय रिपोर्ट दी।
- 2CBD — रियो पृथ्वी सम्मेलन 1992 से।
- 3तीन उद्देश्य — संरक्षण, सतत उपयोग, ABS।
- 4कुनमिंग-मॉन्ट्रियल GBF (2022; '30x30' लक्ष्य)।
- 5भारत — मेगा-डायवर्स देश।
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
CBD, KMGBF व राष्ट्रीय जैव विविधता लक्ष्य पर्यावरण में महत्वपूर्ण हैं।
स्थायी GK: CBD — रियो 1992; संरक्षण, सतत उपयोग, ABS (लाभ-बँटवारा)। कुनमिंग-मॉन्ट्रियल GBF (2022; '30x30')। भारत — मेगा-डायवर्स; 7वीं रिपोर्ट।