9 अगस्त 2026 · 9 August 2026अर्थव्यवस्था⭐ परीक्षा में महत्वपूर्ण
भारत में बैंकिंग सेवाओं का लगभग सार्वभौमिक विस्तार
India Achieves Near-Universal Banking Coverage
भारत ने 99.92% गाँवों तक बैंकिंग सेवा पहुँचाकर वित्तीय समावेशन का लक्ष्य लगभग पूरा किया।
मुख्य तथ्य
- •30 जून 2026 तक 99.92% गाँवों तक बैंकिंग एक्सेस
- •PM-JDY ने करोड़ों नागरिकों को बेसिक सेविंग्स अकाउंट खोलने में मदद की
- •BC, DBU, और IPPB ने अंतिम-मील कनेक्टिविटी सुनिश्चित की
- •AePS, UPI, और डिजिटल बैंकिंग से सेवाएँ सुलभ हुईं
भारत सरकार ने संसद को सूचित किया है कि देश के 99.92% आबाद गाँवों तक बैंकिंग सेवाओं की पहुँच हो गई है। यह विस्तार बैंक शाखाओं, बिज़नेस कॉरेस्पोंडेंट्स (BC), और भारतीय डाक भुगतान बैंक आउटलेट्स के माध्यम से हासिल किया गया है। प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY) इस पहल का मूल स्तंभ रहा है, जिसने लाखों नागरिकों को बेसिक सेविंग्स अकाउंट खोलने में सक्षम बनाया। डिजिटल बैंकिंग यूनिट्स, आधार-सक्षम भुगतान प्रणाली (AePS), UPI, और Bank Mitras ने ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय सेवाएँ सुलभ बनाई हैं।
🎯 परीक्षा में कैसे आएगा
राजस्थान में वित्तीय समावेशन की नीति, PM-JDY का प्रभाव, और डिजिटल भुगतान प्रणालियों का राज्य स्तर पर कार्यान्वयन।
📚 संबंधित स्थायी GK
प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY) 28 अगस्त 2014 को शुरू की गई थी, जिसका उद्देश्य सभी भारतीय परिवारों को बैंकिंग सेवाओं से जोड़ना है।
✨ RajAI— RAS Prelims Expert