लिपुलेख दर्रे से भारत-चीन सीमा व्यापार
24 मार्च 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
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लिपुलेख दर्रा — उत्तराखंड (पिथौरागढ़) में; भारत-चीन व्यापार मार्ग; मानसरोवर का प्रवेश द्वार।
क्या हुआ
लिपुलेख दर्रे के माध्यम से भारत-चीन सीमा व्यापार की चर्चा हुई। लिपुलेख दर्रा उत्तराखंड (पिथौरागढ़) में भारत-नेपाल-चीन के त्रिकोणीय बिंदु के निकट स्थित एक हिमालयी दर्रा है, जो परंपरागत रूप से कैलाश-मानसरोवर यात्रा व सीमा व्यापार का मार्ग रहा है। सीमा व्यापार स्थानीय अर्थव्यवस्था व सांस्कृतिक संबंधों को बढ़ावा देता है, किंतु यह क्षेत्र भारत-नेपाल सीमा विवाद (कालापानी) से भी जुड़ा है। भारत-चीन संबंध LAC तनाव के बाद सतर्क रहे हैं; व्यापार/यात्रा का पुनरारंभ संबंधों में सामान्यीकरण का संकेत होता है।
मुख्य तथ्य
- 1लिपुलेख दर्रे से भारत-चीन सीमा व्यापार।
- 2लिपुलेख — उत्तराखंड; त्रिकोणीय बिंदु के निकट।
- 3कैलाश-मानसरोवर यात्रा का परंपरागत मार्ग।
- 4कालापानी सीमा विवाद से जुड़ा।
- 5LAC तनाव के बाद सावधानीपूर्ण संबंध।
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
लिपुलेख दर्रा, कालापानी विवाद व भारत-नेपाल सीमा भूगोल/अंतरराष्ट्रीय में महत्वपूर्ण हैं।
स्थायी GK: लिपुलेख दर्रा — उत्तराखंड; भारत-नेपाल-चीन त्रिकोणीय बिंदु। कैलाश-मानसरोवर यात्रा मार्ग। कालापानी विवाद; LAC।