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राष्ट्रीय · अर्थव्यवस्था

भारत की गैर-जीवाश्म विद्युत क्षमता 300 GW के पार, 2030 लक्ष्य का 60% से अधिक

12 अगस्त 2026 · Raj Study संपादकीय टीम · सरकारी स्रोत से तथ्य मिलाए गए

याद रखें · एक पंक्ति में

31 जुलाई 2026 तक भारत की गैर-जीवाश्म क्षमता 300.50 GW रही; इसमें सबसे बड़ा हिस्सा सौर (164.59 GW) का है।

क्या हुआ

नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार 31 जुलाई 2026 तक भारत की गैर-जीवाश्म स्रोतों से स्थापित विद्युत उत्पादन क्षमता 300.50 GW थी। यह 2030 के 500 GW लक्ष्य का 60% से अधिक और देश की लगभग 552 GW कुल स्थापित क्षमता का 54% से अधिक है। इसमें सौर 164.59 GW, पवन 58.14 GW, जल 57.24 GW, बायो-पावर 11.75 GW और परमाणु 8.78 GW है। वर्ष 2025-26 में रिकॉर्ड 55.29 GW गैर-जीवाश्म क्षमता जोड़ी गई, जिसमें 44.6 GW सौर थी।

मुख्य तथ्य

  1. 1गैर-जीवाश्म क्षमता: 300.50 GW (31 जुलाई 2026 तक)
  2. 22030 के 500 GW लक्ष्य का 60% से अधिक हासिल
  3. 3सौर 164.59, पवन 58.14, जल 57.24, परमाणु 8.78 GW
  4. 4कुल लगभग 552 GW क्षमता में गैर-जीवाश्म हिस्सा 54% से अधिक

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

प्रश्न में भारत की गैर-जीवाश्म क्षमता का आँकड़ा, 2030 का लक्ष्य या सबसे बड़ा योगदान देने वाला स्रोत पूछा जा सकता है।

स्थायी GK: COP26 (ग्लासगो, 2021) में 'पंचामृत' के तहत भारत ने 2030 तक 500 GW गैर-जीवाश्म क्षमता का संकल्प लिया; अगस्त 2022 के अद्यतन NDC में 2030 तक लगभग 50% गैर-जीवाश्म स्थापित क्षमता और 2070 तक नेट ज़ीरो का लक्ष्य है।

स्रोत: newsonair.gov.in (आधिकारिक)

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