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राष्ट्रीय · अर्थव्यवस्था

भारत की निर्यात वृद्धि

5 मार्च 2026 · Raj Study संपादकीय टीम

याद रखें · एक पंक्ति में

भारत के निर्यात में वृद्धि; FTA, सेवा निर्यात व GCC प्रमुख चालक (आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26)।

क्या हुआ

भारत के निर्यात में उछाल (export surge) चर्चा में रहा। भारत का निर्यात — वस्तु (इंजीनियरिंग सामान, इलेक्ट्रॉनिक्स/स्मार्टफोन, फार्मा, रत्न-आभूषण, कृषि) व सेवा (IT, सॉफ्टवेयर, GCC) — रिकॉर्ड स्तर पर पहुँचा। यह 'मेक इन इंडिया', PLI योजनाओं, FTAs (UAE, ऑस्ट्रेलिया, EFTA, UK) व आपूर्ति शृंखला विविधीकरण ('चाइना+1') का परिणाम है। मज़बूत निर्यात व्यापार घाटे को कम करते हैं, विदेशी मुद्रा अर्जित करते हैं व रोज़गार सृजित करते हैं। भारत 2030 तक 2 ट्रिलियन डॉलर निर्यात का लक्ष्य रखता है। सेवा निर्यात में भारत वैश्विक रूप से अग्रणी है। यह आर्थिक वृद्धि से जुड़ा है।

मुख्य तथ्य

  1. 1भारत के निर्यात में उछाल।
  2. 2वस्तु — इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा; सेवा — IT।
  3. 3प्रेरक — मेक इन इंडिया, PLI, FTAs, चाइना+1।
  4. 4व्यापार घाटा कम; विदेशी मुद्रा; रोज़गार।
  5. 52030 तक 2 ट्रिलियन डॉलर निर्यात लक्ष्य।

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

निर्यात, FTA, CBAM व निर्यात संवर्धन मिशन अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण हैं।

स्थायी GK: निर्यात — वस्तु + सेवा। PLI योजनाएँ; FTAs। 'चाइना+1'। 2030 तक 2 ट्रिलियन डॉलर लक्ष्य। सेवा निर्यात में अग्रणी।

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