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राष्ट्रीय · योजना

भारत का आधारभूत साक्षरता व संख्यात्मकता (FLN) संकट

24 अप्रैल 2026 · Raj Study संपादकीय टीम

याद रखें · एक पंक्ति में

FLN — कक्षा 3 तक पढ़ने व बुनियादी गणित की क्षमता; NIPUN भारत (2021) लक्ष्य 2026-27।

क्या हुआ

भारत के आधारभूत साक्षरता व संख्यात्मकता (FLN) संकट पर चर्चा हुई। FLN का अर्थ है प्रारंभिक कक्षाओं (कक्षा 3 तक) में बच्चों की बुनियादी पढ़ने, लिखने व अंकगणित की क्षमता। ASER जैसी रिपोर्टों ने दर्शाया है कि बड़ी संख्या में बच्चे ग्रेड-स्तर के अनुरूप नहीं पढ़ पाते — यह 'सीखने का संकट' (learning crisis) है। इससे निपटने हेतु राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 ने FLN को सर्वोच्च प्राथमिकता दी और 'निपुण भारत मिशन' (2021) शुरू किया, जिसका लक्ष्य 2026-27 तक सार्वभौमिक FLN है।

मुख्य तथ्य

  1. 1भारत का FLN (आधारभूत साक्षरता-संख्यात्मकता) संकट।
  2. 2कई बच्चे ग्रेड-स्तर पर नहीं पढ़ पाते — 'सीखने का संकट'।
  3. 3NEP 2020 — FLN सर्वोच्च प्राथमिकता।
  4. 4निपुण भारत मिशन (2021); लक्ष्य 2026-27।
  5. 5ASER रिपोर्ट — सीखने के स्तर का आकलन।

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

NEP 2020, NIPUN भारत, ASER व लर्निंग पॉवर्टी शिक्षा/शासन में महत्वपूर्ण हैं।

स्थायी GK: FLN — आधारभूत साक्षरता व संख्यात्मकता (कक्षा 3 तक)। निपुण भारत मिशन (2021); NEP 2020। ASER — असर रिपोर्ट (प्रथम NGO)। लक्ष्य — 2026-27।

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