भारत के वन कार्बन भंडारण का भविष्य
21 अप्रैल 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
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वन कार्बन भंडारण 2100 तक 35-97% बढ़ सकता है; भारत का NDC वन सिंक लक्ष्य 3.5-4 अरब टन CO2 (2035)।
क्या हुआ
भारत के वन कार्बन भंडारण (forest carbon storage) के भविष्य की चर्चा हुई। वन एक प्रमुख 'कार्बन सिंक' हैं — ये प्रकाश-संश्लेषण द्वारा वायुमंडल से CO2 अवशोषित कर बायोमास/मिट्टी में संग्रहित करते हैं, जिससे जलवायु परिवर्तन शमित होता है। भारत ने अपने NDC के तहत 2030 तक अतिरिक्त वन/वृक्ष आवरण के माध्यम से 2.5-3 बिलियन टन CO2-समतुल्य का अतिरिक्त कार्बन सिंक बनाने का लक्ष्य रखा है। भारत राज्य वन रिपोर्ट (ISFR, FSI द्वारा द्विवार्षिक) वन-आवरण व कार्बन-स्टॉक का आकलन करती है। चुनौतियाँ — वनों की कटाई, क्षरण, जलवायु तनाव व वृक्षारोपण की गुणवत्ता। यह जलवायु, वानिकी व पर्यावरण से जुड़ा है।
मुख्य तथ्य
- 1भारत के वन कार्बन भंडारण का भविष्य।
- 2वन — कार्बन सिंक; CO2 अवशोषण व भंडारण।
- 3NDC लक्ष्य — 2030 तक 2.5-3 बिलियन टन अतिरिक्त सिंक।
- 4ISFR (FSI, द्विवार्षिक) — वन-आवरण/कार्बन आकलन।
- 5चुनौती — वनों की कटाई, क्षरण, जलवायु तनाव।
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
वन कार्बन सिंक, NDC व FSI पर्यावरण में पूछे जाते हैं।
स्थायी GK: वन — कार्बन सिंक। NDC लक्ष्य — 2030 तक 2.5-3 बिलियन टन CO2-समतुल्य अतिरिक्त सिंक। ISFR (FSI, द्विवार्षिक)। प्रकाश-संश्लेषण।