मत्स्य पालन व जलकृषि पर भारत-इज़राइल संयुक्त मंत्रिस्तरीय घोषणा
16 जनवरी 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
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भारत-इज़राइल — मत्स्य पालन व जलकृषि में प्रौद्योगिकी, अनुसंधान व क्षमता निर्माण सहयोग।
क्या हुआ
मत्स्य-पालन व जलकृषि पर भारत-इज़राइल संयुक्त मंत्रिस्तरीय घोषणा की चर्चा हुई। भारत व इज़राइल के बीच कृषि, जल-प्रबंधन, ड्रिप-सिंचाई, मत्स्य-पालन व तकनीक में मज़बूत सहयोग है (इज़राइल जल-दुर्लभ कृषि-तकनीक में विश्व-अग्रणी)। 'जलकृषि' (aquaculture — नियंत्रित परिस्थितियों में मछली/जलीय जीव पालन) व मत्स्य-पालन में सहयोग — रीसर्क्युलेटिंग एक्वाकल्चर सिस्टम (RAS), उत्पादकता, रोग-प्रबंधन व सतत-मत्स्य तकनीक — भारत के 'नीली क्रांति'/प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) को समर्थन देता है। भारत विश्व का एक प्रमुख मछली उत्पादक व निर्यातक है (मछुआरों की आजीविका, पोषण, निर्यात)। यह अंतरराष्ट्रीय सहयोग, कृषि व नीली अर्थव्यवस्था से जुड़ता है। यह अंतरराष्ट्रीय संबंध से जुड़ा है।
मुख्य तथ्य
- 1मत्स्य-पालन/जलकृषि पर भारत-इज़राइल घोषणा।
- 2इज़राइल — जल-दुर्लभ कृषि/जल-तकनीक अग्रणी।
- 3जलकृषि (aquaculture; RAS); रोग-प्रबंधन।
- 4नीली क्रांति; प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY)।
- 5भारत — प्रमुख मछली उत्पादक/निर्यातक; मछुआरा-आजीविका।
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
मत्स्य पालन, जलकृषि व भारत-इज़राइल संबंध अंतरराष्ट्रीय में पूछे जाते हैं।
स्थायी GK: भारत-इज़राइल — मत्स्य/जलकृषि सहयोग। इज़राइल — जल-तकनीक अग्रणी। जलकृषि (RAS); नीली क्रांति; PMMSY। भारत — प्रमुख मछली उत्पादक/निर्यातक।