भारत-मालदीव अवसंरचना सहयोग
1 जनवरी 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
याद रखें · एक पंक्ति में
भारत-मालदीव — ग्रेटर माले कनेक्टिविटी परियोजना; 'पड़ोसी पहले' व SAGAR/MAHASAGAR।
क्या हुआ
भारत-मालदीव अवसंरचना सहयोग की चर्चा हुई। मालदीव हिंद महासागर का एक द्वीप-राष्ट्र है, जो भारत के 'पड़ोसी पहले' (Neighbourhood First) नीति, समुद्री सुरक्षा (SAGAR विज़न) व रणनीतिक हितों (प्रमुख समुद्री मार्गों के निकट; चीन के बढ़ते प्रभाव का संतुलन) में अत्यंत महत्वपूर्ण है। भारत मालदीव में अवसंरचना (ग्रेटर माले कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट — सबसे बड़ा भारत-वित्तपोषित परियोजना, हनीमाधू हवाई अड्डा, आवास, जल/सीवरेज), विकास-सहायता, स्वास्थ्य व क्षमता-निर्माण में सहयोग करता है। यह द्विपक्षीय संबंधों, क्षेत्रीय स्थिरता व 'विश्वबंधु' कूटनीति को मज़बूत करता है। यह अंतरराष्ट्रीय संबंध से जुड़ता है। यह अंतरराष्ट्रीय संबंध से जुड़ा है।
मुख्य तथ्य
- 1भारत-मालदीव अवसंरचना सहयोग।
- 2मालदीव — हिंद महासागर; पड़ोसी पहले; SAGAR।
- 3ग्रेटर माले कनेक्टिविटी (सबसे बड़ी भारत-वित्तपोषित)।
- 4हनीमाधू हवाई अड्डा; आवास; जल/सीवरेज।
- 5रणनीतिक महत्व; चीन-प्रभाव संतुलन; विश्वबंधु।
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
भारत-मालदीव संबंध, पड़ोसी पहले व हिंद महासागर अंतरराष्ट्रीय में पूछे जाते हैं।
स्थायी GK: भारत-मालदीव — पड़ोसी पहले; SAGAR; हिंद महासागर रणनीतिक। ग्रेटर माले कनेक्टिविटी (सबसे बड़ी परियोजना); हनीमाधू हवाई अड्डा। चीन-प्रभाव संतुलन।