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राष्ट्रीय · पर्यावरण

भारत ने 2025-26 में रिकॉर्ड 6.05 GW पवन ऊर्जा क्षमता जोड़ी

9 अप्रैल 2026 · Raj Study संपादकीय टीम · सरकारी स्रोत से तथ्य मिलाए गए

याद रखें · एक पंक्ति में

2025-26 में रिकॉर्ड 6.05 GW पवन क्षमता जुड़ी; कुल क्षमता 56 GW से अधिक, भारत विश्व में चौथे स्थान पर।

क्या हुआ

नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 में 6.05 GW पवन क्षमता जोड़ी गई, जो किसी एक वर्ष में अब तक की सबसे अधिक है। पिछला शिखर 2016-17 में 5.5 GW था, जबकि 2024-25 में 4.15 GW जोड़ी गई थी। कुल स्थापित पवन क्षमता 56 GW से अधिक हो गई है और भारत विश्व में चौथे स्थान पर है। इस वर्ष की वृद्धि में वाणिज्यिक एवं औद्योगिक (कैप्टिव सहित) क्षेत्र का योगदान लगभग 4.5 GW (करीब 75%) रहा, तथा गुजरात, कर्नाटक और महाराष्ट्र प्रमुख योगदानकर्ता रहे।

मुख्य तथ्य

  1. 12025-26 में वृद्धि: 6.05 GW (2024-25 में 4.15 GW)
  2. 2पिछला रिकॉर्ड: 2016-17 में 5.5 GW
  3. 3कुल स्थापित क्षमता 56 GW से अधिक; विश्व में चौथा स्थान
  4. 4नैसेल व हब निर्माण क्षमता 18 GW से बढ़कर 24 GW

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

प्रारंभिक परीक्षा में 2025-26 की रिकॉर्ड पवन क्षमता वृद्धि, कुल क्षमता या भारत की वैश्विक रैंक पूछी जा सकती है।

स्थायी GK: चेन्नई स्थित राष्ट्रीय पवन ऊर्जा संस्थान (NIWE, स्थापना 1998) के अनुसार भारत की पवन ऊर्जा क्षमता भूमि से 150 मीटर ऊँचाई पर 1,164 GW आंकी गई है।

स्रोत: PIB (आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति)

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