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11 जून 2026 · 11 June 2026⭐ परीक्षा में महत्वपूर्ण

राष्ट्रीय आकलन में भारत के जलाशयों में 102 GW तैरता सौर ऊर्जा क्षमता का अनुमान

National Assessment Finds India's Reservoirs Could Host 102 GW of Floating Solar

जून 2026 में भारत के पहले राष्ट्रीय आकलन में सामने आया कि देश के जलाशय मिलकर लगभग 102 GW तैरती सौर ऊर्जा क्षमता रख सकते हैं।

मुख्य तथ्य

  • भारत के जलाशयों का पहला राष्ट्रीय तैरता सौर आकलन
  • अनुमानित क्षमता लगभग 102 GW
  • जमीन-आधारित सौर को पैनल क्षेत्र से 3-4 गुना अधिक जमीन चाहिए
  • भारत की स्थापित सौर क्षमता लगभग 100 GW
भारत के जलाशयों के पहले राष्ट्रीय आकलन में सामने आया कि ये मिलकर लगभग 102 गीगावाट तैरती सौर ऊर्जा क्षमता रख सकते हैं। अध्ययन में जमीन पर लगे सौर पैनलों की तुलना में तैरते सौर पैनलों का एक फायदा भी उजागर होता है, क्योंकि पारंपरिक जमीन-आधारित पैनल, जो भारत की लगभग 100 गीगावाट स्थापित सौर क्षमता का बड़ा हिस्सा हैं, पैनलों के वास्तविक क्षेत्रफल से तीन से चार गुना अधिक जमीन घेरते हैं। जलाशयों पर तैरते सौर संयंत्र इस जमीन के दबाव से बचते हैं और साथ ही जिन जल निकायों को वे ढकते हैं, उनसे होने वाले वाष्पीकरण को भी कम कर सकते हैं। ये निष्कर्ष सीमित जमीन संसाधनों के लिए प्रतिस्पर्धा किए बिना भारत की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता बढ़ाने के एक बड़े, काफी हद तक अप्रयुक्त रास्ते की ओर इशारा करते हैं।

🎯 परीक्षा में कैसे आएगा

नवीकरणीय ऊर्जा नीति और भूमि उपयोग दक्षता से जुड़ा यह विषय RAS प्रारंभिक व मुख्य परीक्षा के अर्थव्यवस्था-पर्यावरण खंड के लिए प्रासंगिक है।

📚 संबंधित स्थायी GK

जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय सौर मिशन की शुरुआत 2010 में भारत की जलवायु परिवर्तन पर राष्ट्रीय कार्ययोजना के तहत हुई थी।

✨ RajAI— RAS Prelims Expert

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