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राष्ट्रीय · पर्यावरण

भारत का संशोधित भूकंपीय मानचित्र जारी

5 दिसंबर 2025 · Raj Study संपादकीय टीम

याद रखें · एक पंक्ति में

दिसंबर 2025 में भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने IS 1893 (भाग 1): 2025 के तहत भारत का संशोधित भूकंपीय क्षेत्र मानचित्र जारी किया।

क्या हुआ

यह नया मानचित्र 'भूकंप रोधी संरचना डिज़ाइन' पर बना है और देश को पाँच भूकंपीय क्षेत्रों में बाँटता है, जिनमें सबसे गंभीर नया जोन VI (जम्मू-कश्मीर/लद्दाख से अरुणाचल प्रदेश तक पूरा हिमालयी चाप) से लेकर सबसे कम संवेदनशील जोन II तक शामिल हैं। यह प्रोबेबिलिस्टिक अर्थक्वेक हैज़र्ड असेसमेंट (PEHA) मॉडल पर आधारित है और नई इमारतों तथा संरचनाओं की योजना, डिज़ाइन व निर्माण पर लागू होगा।

मुख्य तथ्य

  1. 1स्टैंडर्ड: IS 1893 (भाग 1): 2025, जारीकर्ता — भारतीय मानक ब्यूरो (BIS)
  2. 2नया जोन VI: पूरा हिमालयी चाप (J&K/लद्दाख से अरुणाचल प्रदेश तक)
  3. 3लगभग 61% भारतीय भूभाग (जहाँ 75%+ जनसंख्या रहती है) मध्यम-से-गंभीर भूकंपीय जोखिम में

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

भूगोल व आपदा प्रबंधन खंड के लिए महत्वपूर्ण — नए जोन VI और PEHA मॉडल पर प्रश्न संभव।

स्थायी GK: भारत में भूकंपीय क्षेत्रीकरण पहली बार 1962 में शुरू हुआ था; इससे पहले देश को चार भूकंपीय क्षेत्रों (II-V) में बाँटा जाता था।

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