28 अगस्त 2026 · 28 August 2026अर्थव्यवस्था⭐ परीक्षा में महत्वपूर्ण
भारत की चालू खाता घाटा और तेल आयात बिल
India's Current Account Deficit and Oil Import Burden
तेल आयात भारत के चालू खाता घाटे और मुद्रास्फीति दबाव का प्रमुख चालक है।
मुख्य तथ्य
- •Q1 FY27 में 60.48 मिलियन टन कच्चा तेल आयात।
- •आयात मूल्य: 49.66 बिलियन डॉलर।
- •भारत कुल तेल की मांग का 85% से अधिक आयात करता है।
- •तेल की कीमत में वृद्धि चालू खाता घाटा को प्रभावित करती है।
भारत की चालू खाता घाटा और भुगतान संतुलन विश्व तेल बाजार की कीमतों के प्रति अत्यधिक संवेदनशील है। वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में, भारत ने 49.66 बिलियन डॉलर मूल्य का 60.48 मिलियन टन कच्चा तेल आयात किया, जो इसके भारी आयात बोझ को दर्शाता है। तेल की कीमतों में अचानक वृद्धि से आयात बिल बढ़ता है, चालू खाता घाटा चौड़ा होता है, और भारतीय उपभोक्ताओं में आयातित मुद्रास्फीति फैलती है। रणनीतिक भंडारण तेल की कीमत में अचानक झटकों के जोखिम को कम कर सकता है और मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने में सहायता कर सकता है, साथ ही सरकारी वित्त पर दबाव को कम कर सकता है।
🎯 परीक्षा में कैसे आएगा
मैक्रोइकॉनॉमिक जोखिम, बाहरी व्यापार असंतुलन, और राजकोषीय स्थिति।
📚 संबंधित स्थायी GK
भारत वर्तमान में अपनी तेल की मांग का 85% से अधिक आयात करता है।
✨ RajAI— RAS Prelims Expert