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28 अगस्त 2026 · 28 August 2026अर्थव्यवस्था⭐ परीक्षा में महत्वपूर्ण

भारत की रणनीतिक ईंधन प्रणाली का विस्तार

India's Expansion of Strategic Fuel System

भारत ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कच्चे तेल, एलएनजी और एलपीजी भंडारण का विस्तार कर रहा है।

मुख्य तथ्य

  • प्रथम चरण: 5.33 मिलियन मीट्रिक टन क्षमता, विशाखापत्तनम, मंगलौर और पडुर में स्थित।
  • द्वितीय चरण: 6.5 मिलियन मीट्रिक टन क्षमता चंडीखोल और पडुर में पीपीपी मॉडल के माध्यम से।
  • भारत 41 देशों से कच्चा तेल और 15 देशों से एलएनजी आयात करता है।
  • हार्मुज जलडमरूमध्य एवं लाल सागर में भू-राजनीतिक जोखिम।
भारत की ऊर्जा सुरक्षा प्रणाली कच्चे तेल आयात पर 85% से अधिक निर्भर है और पश्चिम एशिया में विघ्नों के कारण कमजोरियां उजागर हुई हैं। मौजूदा रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व (एसपीआर) प्रथम चरण में 5.33 मिलियन मीट्रिक टन क्षमता है, जो केवल 9.5 दिनों की आपूर्ति प्रदान करती है, जबकि अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी 90 दिनों का बफर सुझाती है। सरकार 42 बिलियन डॉलर का दशक-लंबा विस्तार प्रस्तावित कर रही है जिसमें दूसरे चरण में ओडिशा के चंडीखोल और कर्नाटक के पडुर में 6.5 मिलियन मीट्रिक टन अतिरिक्त क्षमता शामिल है। यह प्रणाली भूमिगत गैस भंडारण, पाइपलाइन नेटवर्क, वैकल्पिक ईंधन और विविधीकृत आपूर्ति स्रोतों को एकीकृत करेगी।

🎯 परीक्षा में कैसे आएगा

रणनीतिक ईंधन प्रणाली, आयात निर्भरता, और भारत की ऊर्जा सुरक्षा कृषि परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण नीति विषय।

📚 संबंधित स्थायी GK

भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक और उपभोक्ता है।

✨ RajAI— RAS Prelims Expert

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