28 अगस्त 2026 · 28 August 2026अर्थव्यवस्था⭐ परीक्षा में महत्वपूर्ण
भारत की भूमिगत प्राकृतिक गैस भंडारण में कमी
India's Gap in Underground Natural Gas Storage
भारत को 2030 तक गैस-आधारित अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ने के लिए भूमिगत प्राकृतिक गैस भंडारण विकसित करना चाहिए।
मुख्य तथ्य
- •भारत में कोई परिचालनरत भूमिगत प्राकृतिक गैस भंडारण सुविधा नहीं है।
- •नमक की गुफाएं तेजी से इंजेक्शन और निकासी प्रदान करती हैं।
- •राजस्थान में नमक की परतें संभावित भंडारण स्थलों के लिए हैं।
- •ऊपरी भूमिगत पाइपलाइन कनेक्टिविटी आवश्यक है।
भारत की भूमिगत ईंधन भंडारण प्रणाली में एक महत्वपूर्ण खामी है: कच्चे तेल और एलपीजी के लिए भूमिगत भंडारण सुविधाएं हैं, लेकिन प्राकृतिक गैस के लिए कोई परिचालनरत भूमिगत भंडारण नहीं है। यह कमी विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत अपने ऊर्जा मिश्रण में प्राकृतिक गैस का अनुपात वर्तमान 6% से बढ़ाकर 2030 तक 15% करना चाहता है। पश्चिम एशिया में आपूर्ति व्यवधान के कारण, भारत कच्चे तेल के लिए दो महीने और एलपीजी के लिए छह सप्ताह का भंडारण लक्ष्य रखता है। भूमिगत प्राकृतिक गैस भंडारण के लिए उपयुक्त भूवैज्ञानिक संरचनाओं (जैसे खनन के बाद खाली गैस रिजर्वॉयर या नमक की गुफाएं) का चयन और विकास जटिल है।
🎯 परीक्षा में कैसे आएगा
भूवैज्ञानिक बाधाएं, ऊर्जा संक्रमण, और संरचनात्मक ऊर्जा सुरक्षा के लिए बुनियादी ढांचे की कमी।
📚 संबंधित स्थायी GK
भारत अपनी प्राकृतिक गैस आवश्यकता का लगभग 50% आयात करता है।
✨ RajAI— RAS Prelims Expert