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राष्ट्रीय · अर्थव्यवस्था

भारत का आयात विविधीकरण और आपूर्ति श्रृंखला लचीलापन

28 अगस्त 2026 · Raj Study संपादकीय टीम

याद रखें · एक पंक्ति में

भारत ऊर्जा आपूर्ति को अधिक सुरक्षित करने के लिए आयात स्रोतों और वैकल्पिक ईंधन में विविधता ला रहा है।

क्या हुआ

भारत की ऊर्जा आपूर्ति को अधिक लचीला बनाने के लिए विविधीकरण एक मुख्य रणनीति है। सरकार ने जानबूझकर कच्चे तेल के आयात को 27 देशों से 41 देशों तक विस्तारित किया है, जिससे किसी एक आपूर्तिकर्ता पर निर्भरता कम होती है। इसी तरह, एलएनजी आपूर्ति 6 देशों से 15 देशों तक विविधीकृत की गई है। यह कदम हार्मुज जलडमरूमध्य और लाल सागर जैसे महत्वपूर्ण समुद्री बॉटलनेक्स पर निर्भरता को कम करने में मदद करता है। साथ ही, भारत ई20 (20% इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) और संपीड़ित बायोगैस जैसे वैकल्पिक ईंधन को बढ़ावा दे रहा है, जो आयात निर्भरता को संरचनागत रूप से कम करता है।

मुख्य तथ्य

  1. 1कच्चे तेल आयात: 27 से 41 देशों तक विस्तारित।
  2. 2एलएनजी आयात: 6 से 15 देशों तक विविधीकृत।
  3. 3ई20 ईंधन और संपीड़ित बायोगैस को बढ़ावा।
  4. 4अल्जीरिया और यूएसए के साथ अंतर्राष्ट्रीय साझेदारी।

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

आपूर्ति श्रृंखला लचीलापन, भू-राजनीतिक जोखिम प्रबंधन, और ऊर्जा राजनीति।

स्थायी GK: हार्मुज जलडमरूमध्य विश्व के 35% तेल व्यापार से गुजरता है।

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