12 सितंबर 2026 · 12 September 2026अर्थव्यवस्था⭐ परीक्षा में महत्वपूर्ण
भारत का मध्यम आय का जाल और विकास चुनौती
India's Middle-Income Trap and Growth Challenge
भारत तेजी से बढ़ रहा है लेकिन मध्यम आय के जाल में फँसने का जोखिम है।
मुख्य तथ्य
- •विनिर्माण GVA का 14-17% है और दो दशक से स्थिर है; कृषि में 45% से अधिक कार्यबल संलग्न है।
- •2023 में 1.1 करोड़ बेरोजगार युवाओं में से 67% स्नातक थे, जो 2004 में 32% था।
- •भारत में केवल 3% कार्यबल के पास औपचारिक व्यावसायिक प्रशिक्षण है; ITI में 48% सीटें भरी जाती हैं।
- •2023-24 में निजी उद्योग ने पहली बार कुल R&D व्यय का 51.8% योगदान दिया।
भारत की अर्थव्यवस्था तीव्र गति से बढ़ रही है, लेकिन इसके साथ-साथ कई गंभीर संरचनात्मक चुनौतियाँ हैं। विश्व बैंक द्वारा 2007 में गढ़ा गया 'मध्यम आय जाल' एक ऐसी स्थिति को दर्शाता है जहाँ विकासशील देश सस्ती मजदूरी और बुनियादी विनिर्माण के आधार पर मध्यम-आय स्तर तक पहुँचते हैं, लेकिन फिर उच्च आय, नवाचार-आधारित अर्थव्यवस्था में संक्रमण करने में विफल रहते हैं। भारत में विनिर्माण का हिस्सा 14-17% पर स्थिर है, कृषि में 45% से अधिक कार्यबल लगा है, और वास्तविक मजदूरें 2012-2022 के बीच ठहरी हैं। यह 'प्रारंभिक विऔद्योगीकरण' भारत को निम्न उत्पादकता के जाल में फँसा सकता है।
🎯 परीक्षा में कैसे आएगा
मध्यम आय जाल से बचने के लिए भारत को रोजगार-केंद्रित औद्योगिक नीति, कौशल विकास, R&D निवेश और मानव पूंजी में वृद्धि की आवश्यकता है।
📚 संबंधित स्थायी GK
दक्षिण कोरिया, ताइवान और सिंगापुर ने सफलतापूर्वक मध्यम आय जाल से बाहर निकला, जबकि अर्जेंटीना और कई लैटिन अमेरिकी देश दशकों से फँसे हुए हैं।
✨ RajAI— RAS Prelims Expert