मध्यम-आय जाल: अवधारणा, विश्व बैंक के आँकड़े और भारत की स्थिति
12 सितंबर 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
याद रखें · एक पंक्ति में
मध्यम-आय जाल शब्द 2007 (गिल-खरास, विश्व बैंक) से; WDR 2024 में 108 मध्यम-आय देश, '3i' रणनीति सुझाई गई।
क्या हुआ
'मध्यम-आय जाल' शब्द 2007 की विश्व बैंक रिपोर्ट 'An East Asian Renaissance' से आया, जिसके लेखक इंदरमीत गिल और होमी खरास थे। विश्व विकास रिपोर्ट 2024 के अनुसार 2023 के अंत में 108 देश मध्यम-आय वर्ग में थे और 1990 के बाद केवल 34 अर्थव्यवस्थाएँ उच्च आय तक पहुँचीं; प्रायः प्रगति अमेरिका की प्रति व्यक्ति GDP के लगभग 10% पर अटक जाती है। रिपोर्ट चरणबद्ध '3i' रणनीति सुझाती है: निवेश, फिर तकनीक का समावेश (infusion), फिर नवाचार। भारत निम्न-मध्यम आय श्रेणी में है; PLFS 2025 के अनुसार 43.0% रोज़गार कृषि में था और 2020-21 में R&D पर व्यय GDP का 0.64% था।
मुख्य तथ्य
- 1WDR 2024: 2023 के अंत में 108 मध्यम-आय देश, विश्व जनसंख्या का लगभग 75%
- 21990 के बाद केवल 34 मध्यम-आय अर्थव्यवस्थाएँ उच्च आय तक पहुँचीं
- 3FY2027 में निम्न-मध्यम आय: प्रति व्यक्ति GNI 1,176–4,635 डॉलर; भारत इसी श्रेणी में
- 4PLFS 2025: कृषि में रोज़गार का हिस्सा 43.0%, विनिर्माण में 12.1%
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
प्रश्न में 'मध्यम-आय जाल' शब्द का स्रोत, WDR 2024 की '3i' रणनीति या विश्व बैंक की आय-श्रेणी के आधार (प्रति व्यक्ति GNI) पूछे जा सकते हैं।
स्थायी GK: विश्व बैंक हर वर्ष 1 जुलाई को पिछले वर्ष की प्रति व्यक्ति GNI (Atlas पद्धति) के आधार पर देशों का आय-वर्गीकरण करता है; FY2027 में 14,375 डॉलर से अधिक GNI वाले देश उच्च आय श्रेणी में हैं।