भारत सेमीकंडक्टर मिशन 2.0
10 फरवरी 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
याद रखें · एक पंक्ति में
ISM 2.0 — सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र को मज़बूत करना; नीति-निर्माण से समेकन व तकनीकी गहराई की ओर।
क्या हुआ
भारत सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) 2.0 की चर्चा हुई। ISM (2021) का उद्देश्य भारत को सेमीकंडक्टर ('चिप') डिज़ाइन व विनिर्माण का वैश्विक केंद्र बनाना है। ISM 2.0 इस मिशन का विस्तारित/अगला चरण है, जो फैब (विनिर्माण इकाइयाँ), डिस्प्ले फैब, चिप असेंबली-परीक्षण-पैकेजिंग (ATMP/OSAT), यौगिक सेमीकंडक्टर, डिज़ाइन-लिंक्ड प्रोत्साहन व प्रतिभा/अनुसंधान को मज़बूत करता है। उद्देश्य आयात निर्भरता घटाना, आपूर्ति शृंखला लचीलापन व उच्च-तकनीक रोज़गार। सेमीकंडक्टर इलेक्ट्रॉनिक्स, AI, रक्षा, ऑटोमोबाइल की रीढ़ हैं। प्रमुख केंद्र — गुजरात (धोलेरा), असम। यह 'मेक इन इंडिया' व आत्मनिर्भरता से जुड़ा है।
मुख्य तथ्य
- 1भारत सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) 2.0।
- 2चिप डिज़ाइन व विनिर्माण का अगला चरण।
- 3फैब, ATMP/OSAT, यौगिक सेमीकंडक्टर, डिज़ाइन प्रोत्साहन।
- 4आयात निर्भरता कम; उच्च-तकनीक रोज़गार।
- 5केंद्र — धोलेरा (गुजरात), असम; MeitY।
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
ISM, सेमीकंडक्टर व चिप विनिर्माण अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण हैं।
स्थायी GK: ISM — 2021; MeitY। ISM 2.0 — फैब, ATMP/OSAT, डिज़ाइन प्रोत्साहन। धोलेरा (गुजरात), असम। मेक इन इंडिया।