भारत-उज़्बेकिस्तान संबंध व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर पर
1 सितंबर 2026 · Raj Study संपादकीय टीम · सरकारी स्रोत से तथ्य मिलाए गए
याद रखें · एक पंक्ति में
अगस्त 2026 में भारत-उज़्बेकिस्तान संबंध व्यापक रणनीतिक साझेदारी बने; मोदी को 'ओलिय दराजली दोस्तलिक' ऑर्डर मिला।
क्या हुआ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति शवकत मिर्ज़ियोयेव के निमंत्रण पर 29–30 अगस्त 2026 को उज़्बेकिस्तान की राजकीय यात्रा की; इसी दौरे में वे किर्गिज़ गणराज्य भी गए। दोनों नेताओं ने 2011 से चली आ रही रणनीतिक साझेदारी को व्यापक रणनीतिक साझेदारी में बदला, विदेश मंत्रियों के नेतृत्व वाला तंत्र बनाने और अंतर-सरकारी आयोग को मंत्री स्तर पर ले जाने पर सहमति दी। 2030 तक 5 अरब डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार लक्ष्य तय हुआ और भारत को यूरेनियम आपूर्ति की दीर्घकालिक व्यवस्था में प्रगति दर्ज की गई। 30 अगस्त को मिर्ज़ियोयेव ने मोदी को विदेशी नेताओं के लिए उज़्बेकिस्तान का सर्वोच्च सम्मान 'ओलिय दराजली दोस्तलिक' ऑर्डर प्रदान किया।
मुख्य तथ्य
- 1राजकीय यात्रा: 29–30 अगस्त 2026, ताशकंद
- 2सम्मान: 'ओलिय दराजली दोस्तलिक' ऑर्डर (विदेशी नेताओं हेतु सर्वोच्च)
- 3द्विपक्षीय व्यापार लक्ष्य: 2030 तक 5 अरब अमेरिकी डॉलर
- 4विदेश मंत्री-स्तरीय तंत्र; अंतर-सरकारी आयोग मंत्री स्तर पर
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
प्रारंभिक परीक्षा में उज़्बेकिस्तान द्वारा मोदी को दिए गए सम्मान का नाम या 2026 में संबंधों के नए स्तर पर प्रश्न आ सकता है।
स्थायी GK: भारत और उज़्बेकिस्तान ने 2011 में राष्ट्रपति इस्लाम करीमोव की भारत यात्रा के दौरान रणनीतिक साझेदारी घोषित की थी। भारत-पाकिस्तान के बीच ताशकंद घोषणा 10 जनवरी 1966 को हुई और अगले दिन प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री का ताशकंद में निधन हुआ।
स्रोत: pmindia.gov.in (आधिकारिक)