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राष्ट्रीय · पर्यावरण

भारत का जल संकट

16 मई 2026 · Raj Study संपादकीय टीम

याद रखें · एक पंक्ति में

भारत — 18% आबादी, 4% मीठा जल; प्रति व्यक्ति ~1,400 घन मीटर।

क्या हुआ

भारत में जल संकट एक बढ़ती चुनौती है। प्रति व्यक्ति जल उपलब्धता लगातार घट रही है, जिससे भारत 'जल-तनावग्रस्त' की ओर बढ़ रहा है। मुख्य कारण — भूजल का अत्यधिक दोहन (विशेषकर सिंचाई हेतु), असमान मानसून, प्रदूषण व अकुशल उपयोग। भारत विश्व की ~18% आबादी रखता है पर केवल ~4% नवीकरणीय जल संसाधन। प्रतिक्रिया — जल जीवन मिशन, अटल भूजल योजना, नदी जोड़ो, वर्षा जल संचयन व 'प्रति बूँद अधिक फसल'। राजस्थान देश के सबसे जल-दुर्लभ राज्यों में है।

मुख्य तथ्य

  1. 1भारत में प्रति व्यक्ति जल उपलब्धता घट रही है।
  2. 2कारण — भूजल दोहन, असमान मानसून, प्रदूषण।
  3. 3भारत — ~18% आबादी, ~4% नवीकरणीय जल।
  4. 4उपाय — जल जीवन मिशन, अटल भूजल, नदी जोड़ो।
  5. 5राजस्थान — सर्वाधिक जल-दुर्लभ राज्यों में।

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

प्रति व्यक्ति जल उपलब्धता, SDG-6, CWC/CGWB व जल योजनाएं पर्यावरण/शासन में महत्वपूर्ण हैं।

स्थायी GK: जल-तनाव — प्रति व्यक्ति <1700 m³/वर्ष; जल-दुर्लभता <1000 m³। जल जीवन मिशन (हर घर जल); अटल भूजल योजना। नोडल — जल शक्ति मंत्रालय। भारत — ~18% आबादी, ~4% जल।

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