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17 अगस्त 2026 · 17 August 2026अर्थव्यवस्था⭐ परीक्षा में महत्वपूर्ण

भारतीय सहकारी क्षेत्र: आर्थिक महत्व और पहुंच

Indian Cooperative Sector: Economic Scale and Rural Reach

भारतीय सहकारी क्षेत्र ग्रामीण ऋण और निर्यात में अग्रणी भूमिका निभाता है।

मुख्य तथ्य

  • PACS ग्रामीण ऋण प्रणाली की नींव हैं और बहु-सेवा केंद्र में रूपांतरित हो रहे हैं।
  • White Revolution 2.0 के तहत 25,000 नई सहकारी समितियां पंजीकृत हुई।
  • 145 PACS में गोदाम पूरे हो गए हैं जिनमें 68,702 MT का भंडारण क्षमता है।
  • Bharat Taxi 7.76 लाख पंजीकृत ड्राइवर और 40.84 लाख ग्राहकों के साथ भारत की पहली चालक-केंद्रित सहकारी गतिविधि प्लेटफॉर्म है।
भारत में विश्व की सबसे बड़ी सहकारी पारिस्थितिकी तंत्र है जिसमें 8.44 लाख सहकारी समितियां और 30 करोड़ सदस्य हैं। प्राथमिक कृषि ऋण समितियां (PACS) ग्रामीण ऋण का आधार हैं। NCDC ने 2025-26 में अकेले ₹1.27 लाख करोड़ का वितरण किया। राष्ट्रीय सहकारी निर्यात सीमित (NCEL) ने मध्य-2026 तक 38 देशों में 15.4 लाख मीट्रिक टन निर्यात किया जिसकी कीमत ₹6,295 करोड़ थी। सहकारी समितियां खाद (IFFCO/KRIBHCO) और डेयरी (Amul) जैसे क्षेत्रों में वर्चस्व रखकर निजी एकाधिकार को रोकती हैं और उत्पादकों व उपभोक्ताओं के लिए उचित मूल्य सुनिश्चित करती हैं।

🎯 परीक्षा में कैसे आएगा

भारतीय ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सहकारी समितियों की भूमिका, निर्यात बढ़ोतरी और बाजार स्थिरता।

📚 संबंधित स्थायी GK

भारत में IFFCO, KRIBHCO, Amul, NAFED, NDDB आदि प्रमुख राष्ट्रीय स्तर की सहकारी संस्थाएं हैं।

✨ RajAI— RAS Prelims Expert

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