कोस्टा रिका द्वारा स्वीकृत अमेरिका से निर्वासित दूसरे समूह में एक भारतीय नागरिक शामिल
18 अप्रैल 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
क्या हुआ
संयुक्त राज्य अमेरिका ने प्रवासियों के दूसरे समूह को कोस्टा रिका भेजा, जिसमें कम से कम एक भारतीय नागरिक शामिल था। कोस्टा रिका, ट्रम्प प्रशासन की आक्रामक निर्वासन नीति में एक प्रमुख भागीदार बनकर उभरा है। इस नीति के तहत अमेरिका तीसरे देशों के साथ अक्सर गोपनीय और विवादास्पद समझौते करता है, जिसमें वे देश उन निर्वासितों को स्वीकार करते हैं जो उनके नागरिक नहीं हैं। यह नीति अमेरिकी आव्रजन प्रवर्तन में एक बड़े बदलाव को दर्शाती है — द्विपक्षीय निर्वासन से बहुपक्षीय तीसरे देश की व्यवस्था की ओर। अफ्रीका और अमेरिका महाद्वीप के कई देश ऐसे समझौतों में शामिल हो रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि ये समझौते पारदर्शिता से रहित हैं और अंतरराष्ट्रीय शरणार्थी एवं मानवाधिकार मानदंडों का उल्लंघन कर सकते हैं। भारत के लिए यह कूटनीतिक चिंता का विषय है क्योंकि अनियमित भारतीय प्रवासियों को सीधे भारत वापस भेजने के बजाय तीसरे देशों में भेजा जा रहा है। अमेरिका ने 2025 की शुरुआत से वैश्विक स्तर पर निर्वासन उड़ानें तेज कर दी हैं।