पायलट ड्यूटी-समय नियमों के चलते इंडिगो की उड़ानों में बड़ी बाधा
18 दिसंबर 2025 · Raj Study संपादकीय टीम
याद रखें · एक पंक्ति में
दिसंबर 2025 में पायलट विश्राम-समय नियमों को लेकर इंडिगो की उड़ानों में भारी रद्दीकरण और देरी देखी गई।
क्या हुआ
व्यवधान का मुख्य कारण फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन के तहत नए पायलट विश्राम नियम रहे, जिन्हें दिल्ली उच्च न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद DGCA ने जनवरी 2024 में फिर से अधिसूचित किया था — साप्ताहिक विश्राम 36 से बढ़ाकर 48 घंटे, अधिकतम उड़ान समय 8 घंटे और ड्यूटी समय 10 घंटे कर दिया गया। पायलटों की कमी के कारण हुई रद्दीकरण की समस्या को देखते हुए DGCA ने 10 फरवरी 2026 तक इन नए नियमों से छूट दे दी है, और संजय के. ब्रह्मणे (संयुक्त महानिदेशक, DGCA) की अध्यक्षता में एक जाँच समिति भी गठित की गई है।
मुख्य तथ्य
- 1मूल नियम 2011 (नसीम ज़ैदी समिति की सिफारिशों पर आधारित); 2019 में संशोधन का पायलट संगठनों ने विरोध किया
- 2नए नियम: साप्ताहिक विश्राम 48 घंटे, अधिकतम उड़ान 8 घंटे, ड्यूटी 10 घंटे
- 3नियामक: नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA), मुख्यालय नई दिल्ली
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
अर्थव्यवस्था/करेंट अफेयर्स खंड में विमानन नियमन और DGCA से जुड़े तथ्यात्मक प्रश्न बन सकते हैं।
स्थायी GK: DGCA भारत में नागरिक उड्डयन सुरक्षा और नियमन के लिए जिम्मेदार सर्वोच्च नियामक निकाय है, जो नागर विमानन मंत्रालय के अधीन कार्य करता है।