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अंतर्राष्ट्रीय

ईरान का NPT से हटने पर विचार

31 मार्च 2026 · Raj Study संपादकीय टीम

याद रखें · एक पंक्ति में

NPT — 1968 में हस्ताक्षर, 1970 में लागू; 191 पक्ष; भारत हस्ताक्षरकर्ता नहीं (भेदभावपूर्ण मानता है)।

क्या हुआ

ईरान द्वारा परमाणु अप्रसार संधि (NPT) से हटने पर विचार की चर्चा हुई। NPT 1968 की संधि है जिसके तीन स्तंभ हैं — अप्रसार, निरस्त्रीकरण व परमाणु ऊर्जा का शांतिपूर्ण उपयोग। ईरान NPT का सदस्य है। पश्चिमी प्रतिबंधों, इज़राइल/अमेरिका के साथ तनाव व अपने परमाणु कार्यक्रम पर दबाव के बीच, NPT से हटने की धमकी एक रणनीतिक संकेत है। किसी देश का NPT से हटना वैश्विक अप्रसार व्यवस्था को कमज़ोर कर सकता है व क्षेत्रीय परमाणु होड़ का जोखिम बढ़ाता है। IAEA परमाणु गतिविधियों की निगरानी करता है। (उत्तर कोरिया 2003 में NPT से हटा था।)

मुख्य तथ्य

  1. 1ईरान द्वारा NPT से हटने पर विचार।
  2. 2NPT — 1968; अप्रसार, निरस्त्रीकरण, शांतिपूर्ण उपयोग।
  3. 3ईरान — NPT सदस्य; पश्चिमी दबाव।
  4. 4हटना — वैश्विक अप्रसार व्यवस्था कमज़ोर।
  5. 5उत्तर कोरिया NPT से हटा (2003)।

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

NPT, IAEA व भारत का रुख अंतरराष्ट्रीय में पूछे जाते हैं।

स्थायी GK: NPT — 1968 (लागू 1970); तीन स्तंभ। IAEA — वियना। उत्तर कोरिया NPT से हटा (2003)। भारत — सदस्य नहीं।

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