जयशंकर ने इजरायली विदेश मंत्री गिदोन सार से पश्चिम एशिया संकट पर की बात
15 अप्रैल 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
क्या हुआ
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने इजरायली विदेश मंत्री गिदोन सार के साथ फोन पर बातचीत कर पश्चिम एशिया संकट के 'विभिन्न पहलुओं' पर चर्चा की। गिदोन सार ने 2024 के अंत में गठबंधन सरकार के तहत इजरायल के विदेश मंत्री का पदभार संभाला। यह वार्ता उस समय हुई जब रिपोर्टें आ रही थीं कि अमेरिका और ईरान इस्लामाबाद में विफल हुई वार्ता के बाद नए सिरे से परमाणु और सुरक्षा वार्ता शुरू करने की कोशिश कर रहे हैं। भारत पश्चिम एशिया में संतुलित विदेश नीति अपनाता है — वह इजरायल, अरब देशों और ईरान तीनों के साथ संबंध बनाए रखता है। यह क्षेत्र भारत की ऊर्जा सुरक्षा, प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा और रणनीतिक हितों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। भारत पश्चिम एशिया से बड़ी मात्रा में तेल आयात करता है और खाड़ी देशों में भारतीय प्रवासियों की संख्या लाखों में है। भारत ने हमेशा संघर्ष विराम, संवाद और इजरायल-फिलिस्तीन के लिए दो-राज्य समाधान का समर्थन किया है। जयशंकर की यह कूटनीतिक सक्रियता भारत की 'बहु-संरेखण' (Multi-alignment) विदेश नीति को दर्शाती है। भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारा (IMEC) भी इस क्षेत्र की स्थिरता पर निर्भर है।