24 जनवरी 2026 · 24 January 2026
कोडागु की जम्मा बाणे भूमि
Jamma Bane Lands of Kodagu
जम्मा बाणे — कोडागु की पारंपरिक भूमि-कार्यकाल प्रणाली; उत्तराधिकार विवाद हल करने हेतु संशोधन।
मुख्य तथ्य
- •कोडागु की जम्मा बाने भूमि।
- •कोडागु (कुर्ग, कर्नाटक) — कॉफी; प्राकृतिक सुंदरता।
- •पारंपरिक भूमि-स्वामित्व/भू-धारण व्यवस्था।
- •समुदायों (कोडवा) के वन-निकट प्रथागत अधिकार।
- •वन-कानून, स्वामित्व, संरक्षण बनाम अधिकार विवाद।
कोडागु की 'जम्मा बाने' भूमि (Jamma Bane Lands) की चर्चा हुई। कोडागु (कर्नाटक का कुर्ग ज़िला — कॉफी व प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध) में 'जम्मा बाने' एक पारंपरिक भूमि-स्वामित्व/भू-धारण व्यवस्था है, जिसके तहत स्थानीय समुदायों (विशेषकर कोडवा) को वन-भूमि के निकट कुछ अधिकार (जैसे लकड़ी, पशु-चारा, सामुदायिक उपयोग) प्राप्त रहे हैं (ऐतिहासिक/प्रथागत अधिकार)। ऐसी भूमि-व्यवस्थाओं पर अक्सर वन-कानूनों, स्वामित्व-स्पष्टता व संरक्षण बनाम सामुदायिक-अधिकार को लेकर विवाद/कानूनी प्रश्न उठते हैं। यह भूमि-अधिकार, प्रथागत/सामुदायिक अधिकार, वन-शासन व संघवाद से जुड़ा है। यह राजव्यवस्था से जुड़ा है। (व्यवस्था का सटीक विवरण आधिकारिक स्रोत से पुष्टि योग्य।)
🎯 परीक्षा में कैसे आएगा
भूमि रिकॉर्ड, जम्मा बाणे व भूमि सुधार राजव्यवस्था में पूछे जाते हैं।
📚 संबंधित स्थायी GK
जम्मा बाने — कोडागु (कुर्ग, कर्नाटक) पारंपरिक भू-धारण; समुदायों (कोडवा) के वन-निकट प्रथागत अधिकार। वन-कानून बनाम सामुदायिक-अधिकार विवाद।
✨ RajAI— RAS Prelims Expert