प्रसिद्ध खगोल भौतिकीविद् जयंत नार्लीकर को मरणोपरांत विज्ञान रत्न पुरस्कार
20 दिसंबर 2025 · Raj Study संपादकीय टीम
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दिसंबर 2025 में प्रख्यात खगोल भौतिकीविद् जयंत नार्लीकर को आजीवन उपलब्धि के लिए मरणोपरांत विज्ञान रत्न पुरस्कार 2025 प्रदान किया गया।
क्या हुआ
नार्लीकर पुणे स्थित इंटर-यूनिवर्सिटी सेंटर फॉर एस्ट्रोनॉमी एंड एस्ट्रोफिजिक्स (IUCAA) के संस्थापक थे। उन्होंने सर फ्रेड हॉयल के साथ मिलकर हॉयल-नार्लीकर (कन्फॉर्मल ग्रैविटी) सिद्धांत विकसित किया और बिग बैंग सिद्धांत के विपरीत स्थिर अवस्था ब्रह्मांड विज्ञान (Steady State Cosmology) का प्रस्ताव रखा।
मुख्य तथ्य
- 1IUCAA, पुणे के संस्थापक
- 2सर फ्रेड हॉयल के साथ हॉयल-नार्लीकर (कन्फॉर्मल ग्रैविटी) सिद्धांत के प्रतिपादक
- 3स्थिर अवस्था ब्रह्मांड विज्ञान सिद्धांत के प्रस्तावक (बिग बैंग सिद्धांत के विपरीत)
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
विज्ञान व पुरस्कार खंड के लिए उच्च प्रासंगिकता — नार्लीकर के सिद्धांत और IUCAA से जुड़े तथ्यात्मक प्रश्न बन सकते हैं।
स्थायी GK: विज्ञान रत्न पुरस्कार भारत सरकार द्वारा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में जीवनपर्यंत योगदान के लिए दिया जाने वाला सर्वोच्च राष्ट्रीय विज्ञान सम्मान है, जिसे 2024 में स्थापित किया गया।