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राजस्थान

जयपुर विकास प्राधिकरण द्वारा द्रव्यवती नदी पर 5 मेगावाट सौर ऊर्जा परियोजना

27 सितंबर 2026 · Raj Study संपादकीय टीम · सरकारी स्रोत से तथ्य मिलाए गए

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जेडीए द्रव्यवती नदी के 6 एसटीपी और 2 गार्डन की छतों पर 5 मेगावाट सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित कर रहा है, जिससे प्रतिवर्ष लगभग 6.12 करोड़ रुपये की विद्युत बचत होगी।

क्या हुआ

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के ऊर्जा संरक्षण संकल्प के तहत जयपुर विकास प्राधिकरण द्वारा द्रव्यवती नदी पर महत्वपूर्ण सौर ऊर्जा परियोजना शुरू की जा रही है। नगरीय विकास एवं आवासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा के निर्देशन में यह परियोजना RRECL के माध्यम से कार्यान्वित हो रही है। 5 मेगावाट क्षमता की इस परियोजना से प्रतिवर्ष लगभग 72 लाख यूनिट सौर ऊर्जा उत्पादन होगा। जेडीए को 11 वर्षों तक ₹536.12 प्रति किलोवाट प्रतिमाह की दर से भुगतान करना होगा, जबकि परियोजना का संचालन 25 वर्षों तक जारी रहेगा। विद्युत की औसत दर ₹8.50 प्रति यूनिट मानने पर प्रतिवर्ष लगभग ₹6.12 करोड़ की बचत होगी। 11 वर्षों में शुद्ध आर्थिक लाभ लगभग ₹31.94 करोड़ रहेगा। परियोजना से प्रतिवर्ष लगभग 5,227 टन CO₂ उत्सर्जन में कमी आएगी।

मुख्य तथ्य

  1. 1जेडीए द्रव्यवती नदी के 6 एसटीपी और 2 गार्डन की छतों पर 5 मेगावाट सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित कर रहा है।
  2. 2परियोजना से प्रतिवर्ष लगभग 72 लाख यूनिट सौर ऊर्जा उत्पादन और ₹6.12 करोड़ की विद्युत बचत होगी।
  3. 3RRECL को 11 वर्षों तक ₹536.12 प्रति किलोवाट प्रतिमाह भुगतान किया जाएगा, परियोजना 25 वर्षों तक चलेगी।
  4. 411 वर्षों में शुद्ध आर्थिक लाभ लगभग ₹31.94 करोड़ रहेगा।
  5. 5परियोजना से प्रतिवर्ष लगभग 5,227 टन CO₂ उत्सर्जन में कमी आएगी।
स्थायी GK: राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम लिमिटेड (RRECL) की स्थापना वर्ष 2002 में की गई थी।

स्रोत: DIPR राजस्थान (आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति)

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