16 फरवरी 2026 · 16 February 2026⭐ परीक्षा में महत्वपूर्ण
भारत में धार्मिक प्रथाओं का न्यायिक पर्यवेक्षण
Judicial oversight of religious practices in India
आवश्यक धार्मिक प्रथाएं सिद्धांत — न्यायालय तय करता है कि कौन-सी प्रथा धर्म के लिए अनिवार्य व संरक्षित है।
मुख्य तथ्य
- •भारत में धार्मिक प्रथाओं की न्यायिक निगरानी।
- •अनुच्छेद 25/26 — धार्मिक स्वतंत्रता (शर्तों सहित)।
- •'आवश्यक धार्मिक प्रथा' परीक्षण।
- •उदाहरण — सबरीमाला, तीन तलाक, मंदिर प्रवेश।
- •धार्मिक स्वतंत्रता बनाम संवैधानिक नैतिकता।
भारत में धार्मिक प्रथाओं की न्यायिक निगरानी (judicial oversight) की चर्चा हुई। संविधान का अनुच्छेद 25 अंतःकरण की स्वतंत्रता व धर्म के प्रचार-आचरण का अधिकार देता है, तथा अनुच्छेद 26 धार्मिक मामलों के प्रबंधन का। किंतु ये अधिकार सार्वजनिक व्यवस्था, नैतिकता, स्वास्थ्य व अन्य मौलिक अधिकारों के अधीन हैं। न्यायपालिका 'आवश्यक धार्मिक प्रथा' (essential religious practices) परीक्षण के माध्यम से यह तय करती है कि कोई प्रथा धर्म का अनिवार्य अंग है या नहीं — केवल अनिवार्य प्रथाएँ संरक्षित हैं। उदाहरण — सबरीमाला, तीन तलाक, मंदिर प्रवेश मामले। यह धार्मिक स्वतंत्रता, संवैधानिक नैतिकता व सुधार के बीच संतुलन से जुड़ा है।
🎯 परीक्षा में कैसे आएगा
आवश्यक धार्मिक प्रथाएं, अनुच्छेद 25/26 राजव्यवस्था में महत्वपूर्ण हैं।
📚 संबंधित स्थायी GK
अनुच्छेद 25-28 — धार्मिक स्वतंत्रता। 'आवश्यक धार्मिक प्रथा' परीक्षण। सबरीमाला; तीन तलाक। संवैधानिक नैतिकता।
✨ RajAI— RAS Prelims Expert