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राष्ट्रीय

K-RERA ने NPKL साइट पर बुनियादी सुविधाओं में देरी के लिए BDA को ₹56.03 लाख मुआवजा देने का आदेश दिया

17 अप्रैल 2026 · Raj Study संपादकीय टीम

क्या हुआ

कर्नाटक रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (K-RERA) ने एक ऐतिहासिक फैसले में बेंगलुरु विकास प्राधिकरण (BDA) को बेंगलुरु के नादप्रभु केम्पेगौड़ा लेआउट (NPKL) में एक भूखंड मालिक को ₹56.03 लाख मुआवजा देने का आदेश दिया। यह RERA के तहत कर्नाटक में किसी सरकारी विकास निकाय के विरुद्ध पहला ऐसा आदेश है। शिकायतकर्ता ने NPKL के सेक्टर-B में एक भूखंड खरीदा था और जून 2020 में उसका कब्जा प्राप्त किया था। कब्जे के वर्षों बाद भी सड़क, पानी, सीवरेज और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं मिलीं, जिस पर शिकायत दर्ज की गई। K-RERA ने BDA को उचित समय में बुनियादी ढांचा न देने का दोषी पाया। रियल एस्टेट (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2016 (RERA) के अनुसार प्रमोटर — चाहे सरकारी हों या निजी — सभी वादा की गई सुविधाएं देने के लिए बाध्य हैं। यह फैसला स्थापित करता है कि BDA जैसी सरकारी संस्थाएं RERA से मुक्त नहीं हैं। NPKL बेंगलुरु के सबसे बड़े आवासीय लेआउट में से एक है। यह निर्णय भारत भर में भूखंड आवंटियों के अधिकारों को मजबूत करता है।

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