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राष्ट्रीय · पर्यावरण

कप्पतगुड्डा वन्यजीव अभयारण्य

6 मार्च 2026 · Raj Study संपादकीय टीम

याद रखें · एक पंक्ति में

कप्पतगुड्डा वन्यजीव अभयारण्य — कर्नाटक के गडग ज़िले में; WPA 1972 के तहत घोषित।

क्या हुआ

'कप्पतगुड्डा वन्यजीव अभयारण्य' (Kappatagudda Wildlife Sanctuary) की चर्चा हुई। यह कर्नाटक के गदग ज़िले में स्थित एक वन्यजीव अभयारण्य है, जो पश्चिमी घाट व दक्कन पठार के बीच एक पारिस्थितिक रूप से समृद्ध पहाड़ी क्षेत्र है (इसे 'सह्याद्री की रानी' भी कहा जाता है)। यह औषधीय पौधों, विविध वनस्पति-जीव (तेंदुआ, भालू, पैंगोलिन, विभिन्न पक्षी) व जल-स्रोतों के लिए जाना जाता है। यहाँ खनन-गतिविधियों बनाम संरक्षण को लेकर विवाद रहा है। अभयारण्य का दर्जा वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत दिया जाता है। यह जैव विविधता संरक्षण, संरक्षित क्षेत्र व विकास-पर्यावरण संतुलन से जुड़ा है। यह पर्यावरण से जुड़ा है।

मुख्य तथ्य

  1. 1कप्पतगुड्डा वन्यजीव अभयारण्य।
  2. 2कर्नाटक के गदग ज़िले में; 'सह्याद्री की रानी'।
  3. 3औषधीय पौधे; तेंदुआ, भालू, पैंगोलिन।
  4. 4खनन बनाम संरक्षण विवाद।
  5. 5वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत।

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

वन्यजीव अभयारण्य, ESZ व WPA 1972 पर्यावरण में पूछे जाते हैं।

स्थायी GK: कप्पतगुड्डा अभयारण्य — कर्नाटक (गदग); 'सह्याद्री की रानी'। औषधीय पौधे; तेंदुआ, भालू, पैंगोलिन। खनन बनाम संरक्षण विवाद। WPA 1972।

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