केवलादेव घना पक्षी राष्ट्रीय उद्यान, भरतपुर में दो दुर्लभ घटनाएँ
2 जनवरी 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
याद रखें · एक पंक्ति में
केवलादेव में दुर्लभ मांसाहारी पौधा 'यूट्रिकुलेरिया' और 10 साल बाद लौटा 'कॉमन शेलडक' दर्ज हुआ।
क्या हुआ
भरतपुर के केवलादेव घना उद्यान के 'L', 'K' और 'B' ब्लॉकों में दुर्लभ कीटभक्षी पौधा 'यूट्रिकुलेरिया' (ब्लैडरवॉर्ट) देखा गया। साथ ही यूरोप से आने वाला 'कॉमन शेलडक' पक्षी 10 वर्षों बाद लौटा, जिसने लगभग 4,000 किमी की यात्रा की।
मुख्य तथ्य
- 1मांसाहारी पौधा: यूट्रिकुलेरिया, ब्लॉक L, K, B
- 2लौटा पक्षी: कॉमन शेलडक, 10 साल बाद
- 3यात्रा: यूरोप से ~4,000 किमी
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
केवलादेव की रामसर/विश्व धरोहर स्थिति याद रखें।
स्थायी GK: केवलादेव घना उद्यान भरतपुर का यूनेस्को विश्व धरोहर एवं रामसर स्थल है।