केरल की तेल रिसाव आकस्मिक योजना
11 मई 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
याद रखें · एक पंक्ति में
NOS-DCP — भारत का शीर्ष तेल/रासायनिक रिसाव ढांचा (1996, 2024 में अद्यतन); ICG समन्वयक।
क्या हुआ
केरल की तेल रिसाव आकस्मिक योजना (Oil Spill Contingency Plan) की चर्चा हुई। तेल रिसाव (oil spill) समुद्र/तट पर जहाज़ दुर्घटना, पाइपलाइन रिसाव या टैंकर से तेल फैलने की घटना है, जो समुद्री जीवन, मत्स्य पालन, तटीय आजीविका व पारिस्थितिकी तंत्र को गंभीर नुकसान पहुँचाती है। आकस्मिक योजना तेल रिसाव की त्वरित पहचान, रोकथाम (बूम/स्किमर), सफाई, समन्वय व प्रभावित समुदायों की सुरक्षा हेतु तैयार की जाती है। भारत में भारतीय तटरक्षक बल (ICG) राष्ट्रीय तेल रिसाव आपदा आकस्मिक योजना (NOSDCP) का समन्वय करता है। यह आपदा प्रबंधन, समुद्री सुरक्षा, पर्यावरण व तटीय शासन से जुड़ा है।
मुख्य तथ्य
- 1केरल की तेल रिसाव आकस्मिक योजना।
- 2तेल रिसाव — समुद्री जीवन/मत्स्य/तट को क्षति।
- 3त्वरित पहचान, रोकथाम (बूम), सफाई।
- 4ICG — NOSDCP (राष्ट्रीय योजना) समन्वय।
- 5आपदा प्रबंधन; समुद्री व तटीय सुरक्षा।
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
तेल रिसाव, NOS-DCP, UNCLOS व समुद्री पारिस्थितिकी पर्यावरण में महत्वपूर्ण हैं।
स्थायी GK: तेल रिसाव — समुद्री पर्यावरण क्षति। NOSDCP — राष्ट्रीय योजना; भारतीय तटरक्षक बल (ICG) समन्वय। बूम/स्किमर। आपदा प्रबंधन।