भारत में बाघ अभयारण्यों के प्रबंधन प्रभावशीलता मूल्यांकन के छठे चक्र का शुभारंभ
25 सितंबर 2026 · Raj Study संपादकीय टीम · सरकारी स्रोत से तथ्य मिलाए गए
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केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने 25 सितंबर 2026 को देश के सभी 58 बाघ अभयारण्यों के छठे MEE-TR चक्र का शुभारंभ किया, जिसमें ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को नए मूल्यांकन मानदंड के रूप में शामिल किया गया है।
क्या हुआ
राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) और वन्यजीव संस्थान भारत (WII) के सहयोग से आयोजित इस कार्यशाला में छठे चक्र की रूपरेखा, कार्यप्रणाली और कार्यान्वयन पर चर्चा हुई। मंत्री ने बताया कि भारत ने बाघ संरक्षण के लिए 85,000 वर्ग किमी से अधिक क्षेत्र निर्धारित किया है। उन्होंने स्थानीय पारिस्थितिक और समाजशास्त्रीय विशेषज्ञों तथा युवाओं को मूल्यांकन में शामिल करने का सुझाव दिया। MEE-TR 2026 में 'ठोस अपशिष्ट प्रबंधन' को अलग मूल्यांकन मानदंड के रूप में शामिल किया गया है, जो वन चौकियों, पर्यटन गतिविधियों और वन्यजीव बचाव केंद्रों से उत्पन्न अपशिष्ट पर ध्यान केंद्रित करेगा। भारत में MEE की शुरुआत 2006 में हुई थी और अब तक पांच चक्र 2006, 2010, 2014, 2018 और 2022 में पूर्ण हो चुके हैं।
मुख्य तथ्य
- 1केंद्रीय पर्यावरण मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने 25 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में छठे MEE-TR चक्र का शुभारंभ किया।
- 2यह मूल्यांकन देश के सभी 58 बाघ अभयारण्यों को कवर करेगा।
- 3भारत ने बाघ संरक्षण के लिए 85,000 वर्ग किमी से अधिक क्षेत्र निर्धारित किया है।
- 4MEE-TR 2026 में 'ठोस अपशिष्ट प्रबंधन' को नए मूल्यांकन मानदंड के रूप में शामिल किया गया है।
- 5भारत में MEE की शुरुआत 2006 में हुई; पांच चक्र 2006, 2010, 2014, 2018 और 2022 में पूर्ण हुए।
- 6कार्यक्रम का आयोजन NTCA और वन्यजीव संस्थान भारत (WII) के सहयोग से किया गया।
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
परीक्षा में बाघ अभयारण्यों की संख्या (58), MEE की शुरुआत का वर्ष (2006), बाघ संरक्षण क्षेत्र (85,000 वर्ग किमी से अधिक) या MEE-TR 2026 की नई विशेषता (ठोस अपशिष्ट प्रबंधन) पूछा जा सकता है।
स्थायी GK: राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) की स्थापना वन्यजीव (संरक्षण) संशोधन अधिनियम, 2006 के तहत की गई थी।