24 जनवरी 2026 · 24 January 2026अर्थव्यवस्था
पारिवारिक स्थिरता की सीमाएं
Limits of household stability
'घरेलू स्थिरता की सीमाएँ' (Limits of household stability) की चर्चा हुई। यह आर्थिक-सामाजिक विश्लेषण से जुड़ा है, जो परिवारों (households) की वित्तीय स्थिरता व उस पर मंडराते जोखिमों की जाँच करता है — जैसे बढ़ता घरेलू ऋण (household debt), बचत में गिरावट, मुद्रास्फीति, रोज़गार-अनिश्चितता, स्वास्थ्य-खर्च व आर्थिक झटके (shocks)। बढ़ता घरेलू ऋण व घटती बचत-दर परिवारों की आर्थिक भेद्यता बढ़ाते हैं, जो उपभोग, मांग व समग्र आर्थिक स्थिरता को प्रभावित कर सकते हैं (RBI ऐसे रुझानों पर नज़र रखता है)। यह वित्तीय समावेशन, सामाजिक सुरक्षा व वृहद-आर्थिक स्थिरता से जुड़ा है। यह अर्थव्यवस्था से जुड़ा है। यह अर्थव्यवस्था से जुड़ा है।
✨ RajAI— RAS Prelims Expert