सरकार ने डीजल व विमानन टर्बाइन ईंधन निर्यात पर अप्रत्याशित लाभ कर बढ़ाया
16 जून 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
याद रखें · एक पंक्ति में
जून 2026 में, सरकार ने 16 जून से प्रभावी डीजल व विमानन टर्बाइन ईंधन (ATF) निर्यात पर अप्रत्याशित लाभ कर बढ़ाया, जबकि पेट्रोल पर लेवी यथावत रखी गई।
क्या हुआ
सरकार ने डीजल व विमानन टर्बाइन ईंधन (ATF) के निर्यात पर 16 जून से प्रभावी अप्रत्याशित लाभ कर (windfall tax) में वृद्धि की, जबकि पेट्रोल निर्यात पर लेवी को अपरिवर्तित रखा गया। अप्रत्याशित लाभ कर वस्तु निर्यात से निर्यातकों को होने वाले असाधारण लाभ पर लगाया जाता है, और यह संशोधन सरकार की चल रही राजकोषीय व ऊर्जा क्षेत्र नीति को दर्शाता है।
मुख्य तथ्य
- 1डीजल, ATF निर्यात पर अप्रत्याशित लाभ कर वृद्धि
- 216 जून 2026 से प्रभावी
- 3पेट्रोल निर्यात लेवी अपरिवर्तित
- 4राजकोषीय/ऊर्जा क्षेत्र नीति को दर्शाता है
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
अप्रत्याशित लाभ कर विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (SAED) के रूप में लगाया जाता है; सितंबर 2024 में कच्चे तेल/पेट्रोल/डीजल पर इसे समाप्त किया गया था, बाद में चुनिंदा रूप से पुनः लागू हुआ — यह याद रखें।
स्थायी GK: भारत ने जुलाई 2022 में कच्चे तेल उत्पादकों व ईंधन निर्यातकों पर अप्रत्याशित लाभ कर लागू किया, जिसे अंतर्राष्ट्रीय तेल कीमतों के आधार पर हर पखवाड़े संशोधित किया जाता है।