तमिलनाडु के तामिराबरणी नदी को कानूनी व्यक्तित्व की स्वीकृति
20 अगस्त 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
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नदी को कानूनी व्यक्ति का दर्जा देकर न्यायालय ने सांस्कृतिक और पारिस्थितिक संरक्षण को जोड़ा।
क्या हुआ
मद्रास उच्च न्यायालय की न्यायाधीश जी.आर. स्वामीनाथन और बी. पुगलेंधी की खंडपीठ ने तामिराबरणी नदी को कानूनी व्यक्ति के रूप में मान्यता प्रदान की। यह निर्णय नदी के सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व को स्वीकार करता है, क्योंकि हिंदू इसे देवी के रूप में पूजते हैं। कानूनी व्यक्तित्व की स्वीकृति से नदी को अलग कानूनी दर्जा मिल गया है जो इसकी सुरक्षा और संरक्षण को सुनिश्चित करता है। न्यायालय ने राख विसर्जन को छोड़कर सभी प्रकार के विसर्जन और नदी में कचरा फेंकने पर प्रतिबंध लगाया है। यह निर्णय नदी को प्रदूषण, क्षरण और पारिस्थितिक नुकसान से कानूनी संरक्षण प्रदान करता है।
मुख्य तथ्य
- 1तामिराबरणी नदी को कानूनी व्यक्ति के रूप में मान्यता दी गई
- 2राख विसर्जन को छोड़कर सभी विसर्जन पर प्रतिबंध
- 3नदी में कचरा फेंकने पर पूर्ण प्रतिबंध
- 4धार्मिक परंपरा और पर्यावरण संरक्षण का सुसंगत संयोजन
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
नदियों को कानूनी अधिकार प्रदान करने में भारतीय न्यायपालिका की भूमिका और पर्यावरण संरक्षण।
स्थायी GK: भारत में गंगा और यमुना को पहले कानूनी व्यक्ति का दर्जा दिया गया था।